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Home›News›कृषि कानूनों पर गतिरोध दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों की किसान संगठनों से वार्ता

कृषि कानूनों पर गतिरोध दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों की किसान संगठनों से वार्ता

By Antim Pravakta
January 4, 2021
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अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । कृषि कानूनों के खिलाफ एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए किसान संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच सातवें दौर की वार्ता सोमवार दोपहर शुरू हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमरए रेलवेए वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री एवं पंजाब से सांसद सोम प्रकाश ने विज्ञान भवन में 40 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू की। सूत्रों ने बताया कि मौजूदा प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने के साथ इस बैठक की शुरुआत हुई। इससे पहलेए सरकार और किसान संगठनों के बीच छठे दौर की वार्ता 30 दिसंबर को हुई थी। उस दौरान पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने और बिजली पर रियायत जारी रखने की दो मांगों पर सहमति बनी थी। हालांकिए तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और फसल की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ;एमएसपीद्ध की व्यवस्था को लेकर कानूनी गारंटी पर अब तक कोई सहमति नहीं बन पायी है। सूत्रों ने बताया कि तोमर ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और मौजूदा संकट के जल्द समाधान के लिए सरकार की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि तोमर ने सिंह के साथ संकट का समाधान निकालने के लिए ष्बीच का कोई रास्ताष् निकालने को लेकर सभी मुमकिन विकल्पों पर चर्चा की। केंद्र के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से ज्यादा समय से हजारों किसान दिल्ली की अलग.अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर पंजाबए हरियाणा और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसान हैं। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भीषण ठंड के अलावा पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश और प्रदर्शन स्थल पर जलजमाव के बावजूद किसान अपनी मांग पर डटे हुए हैं। पिछले साल सितंबर में लागू कानूनों के बारे में केंद्र सरकार का कहना है कि इससे कृषि क्षेत्र में बड़ा सुधार होगा और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी लेकिन प्रदर्शन कर रहे किसानों को आशंका है कि इन कानूनों से एमएसपी और मंडी की व्यवस्था कमजोर होगी और वे बड़े कारोबारी घरानों पर आश्रित हो जाएंगे। सरकार ने कहा है किसानों की आशंकाएं निराधार हैं और कानूनों को निरस्त करने से इनकार किया है। कई विपक्षी दलों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भी किसानों का समर्थन किया हैए वहीं कुछ किसान संगठनों ने पिछले कुछ हफ्तों में कृषि मंत्री से मुलाकात कर तीनों कानूनों को अपना समर्थन दिया।
बेनामी संपत्ति मामले में बयान दर्ज करने वाद्रा के कार्यालय पहुंचा आयकर दल

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । आयकर विभाग के अधिकारियों का दल बेनामी संपत्ति के खिलाफ कानून के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाद्रा का बयान दर्ज करने के लिए 04 जनवरी को उनके कार्यालय पहुंचा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। उनका कहना था कि वाद्रा को आयकर विभाग के कार्यालय पहुंचकर जांच में शामिल होना था लेकिन उन्होंने कोविड.19 से संबंधित दिशानिर्देशों का हवाला दिया। इसके बाद आयकर अधिकारियों का दल सुखदेव विहार स्थित उनके परिसर पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग का दल बेनामी संपत्ति लेनदेन ;निषेधद्ध कानून के प्रावधानों के तहत वाद्रा का बयान दर्ज करने पहुंचा। ब्रिटेन में कथित तौर पर कुछ अघोषित आय रखने के आरोप में वाद्रा आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं। वह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी धनशोधन विरोधी कानून के तहत वाद्रा के खिलाफ इन आरोपों की जांच कर रहा है। पेशे से कारोबारी वाद्रा ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और कुछ भी गलत करने से इनकार किया है। कांग्रेस ने कुछ महीने पहले कहा था कि वाद्रा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है।
भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड.19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने जा रहा हैरू मोदी

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औषधि नियामक द्वारा दो टीकों के सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद सोमवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। उन्होंने ष्भारत में निर्मितष् टीकों के लिए वैज्ञानिकों एवं तकनीशियनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को उन पर गर्व है। मोदी ने कहाए ष्ष्भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड.19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हाने जा रहा है। इसके लिए देश को अपने वैज्ञानिकों के योगदान पर बहुत गर्व है। हर देशवासी सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीशियनों का कृतज्ञ है।ष्ष् मोदी ने राष्ट्रीय माप पद्धति सम्मेलन में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि ष्भारत में निर्मितष्ष् उत्पादों की न केवल वैश्विक मांग होए बल्कि उनकी वैश्विक स्वीकार्यता भी हो। इस अवसर पर केन् द्रीय मंत्री हर्षवर्धन भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहाए ष्ष्किसी उत्पाद की गुणवत्ता उसकी मात्रा जितनी ही महत्वपूर्ण है। हमें दुनिया को केवल भारतीय उत्पादों से भरना नहीं है बल्कि भारतीय उत्पादों को खरीदने वाले हर एक कस्टमर का दिल भी जीतना है। ष्आत्मनिर्भर भारतष् के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाने के साथ.साथ हमारे मानक भी ऊंचे होने चाहिए।ष्ष् उन्होंने कहाए ष्ष्मेड इन इंडिया की न केवल वैश्विक मांग हो बल्कि उसकी वैश्विक स्वीकार्यता भी सुनिश्चित करना है। हमें ब्रांड इंडिया को गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मजबूत स्तंभों पर और मजबूत बनाना है।ष्ष् उल्लेखनीय है कि भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड.19 टीके ष्कोविशील्डष् और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ष्कोवैक्सीनष् के सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दीए जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी प्रगतिशील समाज में अनुसंधान अहम एवं प्रभावी होता है और उसका असर वाणिज्यिक एवं सामाजिक होता है। इनसे दृष्टिकोण एवं सोच को व्यापक करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहाए ष्ष्अतीत हमें सिखाता है कि कोई देश विज्ञान पर जितना ध्यान केंद्रित करता हैए उसकी प्रौद्योगिकी उतनी ही मजबूत होती है। इस प्रौद्योगिकी की मदद से नए उद्योगों में मदद मिलती है और यह अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है। यही चक्र देश को आगे लेकर जाता है।ष्ष् उन्होंने जोर दिया कि देश में सार्वजनिक एवं निजीए दोनों क्षेत्रों में उत्पादों एवं सेवा की गुणवत्ता दुनिया में भारत की ताकत निर्धारित करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दशकों से गुणवत्ता और मेजरमेंट ;मापद्ध के लिए विदेशी मानकों पर निर्भर रहा है लेकिन इस दशक में भारत को अपने मानकों को नयी ऊंचाई देनी होगी। उन्होंने कहाए ष्ष्इस दशक में भारत की गतिए भारत की प्रगतिए भारत का उत्थानए भारत की छविए भारत का सामर्थ्यए हमारे क्षमता निर्माण और मानकों से ही तय होंगे। हमारे देश में उत्पादों की गुणवत्ता ही तय करेंगे कि दुनिया में भारत और भारत के उत्पादों की ताकत कितनी ज्यादा बढ़े।ष्ष् उन्होंने कहा कि ष्ष्आत्मनिर्भर भारतष्ष् के नए संकल्पों को ध्यान में रखते हुए नए मानकोंए नए पैमानों को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ना है। मोदी ने कहा कि देश उद्योग उन्मुख दृष्टिकोण से उपभोक्ता आधारित दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहाए ष्ष्इन नए मानकों से देशभर के जिलों में वहां के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का अभियान है। इससे देश में सूक्ष् मए लघु और मध् यम उद्योग और निर्यात में भी इजाफा होगा।ष्ष् प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय परमाणु समयमापक ;नेशनल एटॉमिक टाइमस् केलद्ध और भारतीय निर्देशक द्रव्य को भी राष्ट्र को समर्पित किया और राष्ट्रीय पर्यावरण संबंधी मानक प्रयोगशाला की आधारशिला रखी।

पीएमसी बैंक के खाताधारकों को 5 लाख रुपये निकालने की अनुमति देने की मांगए सुनवाई टली

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएमसी बैंक के खाताधारकों को पांच लाख रुपये तक निवेशकों को निकालने की अनुमति देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई को टाल दिया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने 18 जनवरी को सुनवाई करने का आदेश दिया।

आज सुनवाई के दौरान रिजर्व बैंक ने हलफनामा दायर करने के लिए समय देने की मांग की। जिसके बाद कोर्ट ने 18 जनवरी तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। पिछले 1 दिसंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले पर कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि यह सामान्य याचिका नहीं हैए हमें बैंक और निवेशकों दोनों के हितों का ध्यान रखना होगा। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने रिजर्व बैंक को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आपात स्थिति में पांच लाख रुपये निकालने का मामला पीएमसी बैंक पर ही छोड़ दिया था।

1 दिसंबर को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील शशांक सुधी देव ने कहा था कि पांच लाख रुपये तक निकासी के लिए केवल 13 लोगों को योग्य माना गया है। उन्होंने कहा था कि गंभीर बीमारियों को आधार बनाया गया है। तब कोर्ट ने कहा था कि जो गंभीर रूप से बीमार नहीं हैए वे भी एक लाख रुपये निकाल रहे हैं। उसके बाद कोर्ट ने पूछा था कि क्या आप ये सीमा पांच लाख रुपये तक करना चाहते हैं। तब देव ने कहा था कि एक दूसरी हाईकोर्ट ने कैंसर जैसी बीमारी वाले निवेशकों को ज्यादा रकम देने का आदेश दिया है। देव ने कहा था कि सवाल ये है कि जिन लोगों के पास धन नहीं हैए उन्हें दवाईयां खरीदने में भी परेशानी हो रही है।

हाईकोर्ट ने कहा था कि आजकल सभी परेशानियों में हैंए लेकिन इसमें कुछ सीमांकन होना चाहिए। कोर्ट ने रिजर्व बैंक से कहा था कि शिकायत निवारण का कुछ मेकानिज्म होना चाहिए। इसे हल्के में लेने की जरुरत नहीं है। कोर्ट ने रिजर्व बैंक से कहा कि आप पीएमसी बैंक पर ही सारा फैसला नहीं छोड़ सकते हैंए आपको इस पर फैसला लेने को कहा गया था। तब देव ने कहा कि कुछ लोगों ने खुदकुशी भी कर ली है। कोर्ट ने कहा था कि हमें इस मामले में बैंक और निवेशकों को हितों के बीच संतुलन स्थापित करना होगा। कोर्ट ने कहा था कि अगर आप पांच लाखए दस लाख या बीस लाख रुपये तक की धन निकासी की अनुमति की मांग कर रहे हैंए तो हम आपकी मदद नहीं कर सकते हैं।

याचिका बिजॉन कुमार मिश्रा ने दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील शशांक सुधी देव ने याचिका में कहा है कि कोरोना संकट की वजह से सभी खाताधारक अपनी जमा.पूंजी के भरोसे ही हैं। उन्हें अपने बच्चों की शिक्षाए शादी और दूसरी जरुरतों के लिए पैसे की जरुरत है। ऐसे में पीएमसी खाताधारकों को ऐसी किसी भी आपातस्थिति में धन निकासी की अनुमति दी जाए। पिछले 21 जुलाई को कोर्ट ने पीएमसी बैंकए रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। वकील शशांक देव सुधी ने कहा था कि कोरोना के संकट के दौर में अति महत्वपूर्ण कार्य के लिए बिना किसी प्रक्रियागत बाधा के पांच लाख रुपये तक की निकासी करने की छूट दी जाए। याचिका में कहा गया है कि बैंक के कुछ निवेशकों ने इसके लिए पीएमसी बैंक और दूसरे पक्षकारों के समक्ष अपनी बातें रखी थीं।

निवेशकों ने हाईकोर्ट के पहले के आदेश का हवाला दिया जिसमें कोर्ट ने जरुरी काम के लिए पैसे निकालने की इजाजत दी थी। बैंक के कुछ खाताधारकों ने अपनी समस्याओं का हवाला दिया था। पीएमसी बैंक के रवैये से देश के बैंकिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देश भर में फैले पीएमसी के ब्रांचों के रखरखाव पर करीब आठ करोड़ रुपये का बेजा खर्च होता है।

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इसके पहले रिजर्व बैंक और पीएमसी बैंक को कोरोना के संकट के दौरान खाताधारकों की जरूरतों का ध्यान रखने का निर्देश दिया था। सितंबर 2019 में रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के कामकाज पर प्रतिबंध लगाते हुए बैंक से 40 हजार रुपये की निकासी की सीमा तय की थी। पीएमसी बैंक ने एचडीआईएल नामक कंपनी को अपने लोन की कुल रकम का करीब तीन चौथाई लोन दे दिया था। एचडीआईएल का ये लोन एनपीए होने की वजह से बैंक अपने खाताधारकों को पैसे देने में असमर्थ हो गया।

राहुल और प्रियंका ने सरकार पर किसानों के प्रति ष्क्रूरता का व्यवहारष् करने का आरोप लगाया

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सरकार एवं किसान संगठनों के बीच नए दौर की बातचीत से पहले सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार सर्दी एवं बारिश के बीच सड़कों पर बैठे किसानों के प्रति क्रूरता का व्यवहार कर रही है। राहुल गांधी ने ट्वीट कियाए ष्ष्सर्दी की भीषण बारिश में टेंट की टपकती छत के नीचे जो बैठे हैं सिकुड़.ठिठुर करए वो निडर किसान अपने ही हैंए ग़ैर नहीं। सरकार की क्रूरता के दृश्यों में अब कुछ और देखने को शेष नहीं।ष्ष् प्रियंका ने ट्वीट कर आरोप लगायाए ष्ष्सरकार एक तरफ तो किसानों को बातचीत के लिए बुलाती है दूसरी तरफ इस कड़कड़ाती ठंड में उन पर आंसू गैस के गोले बरसा रही है। इसी अड़ियल और क्रूर व्यवहार की वजह से अब तक लगभग 60 किसानों की जान जा चुकी है।ष्ष् उन्होंने सवाल कियाए ष्ष्किसान इस क्रूर सरकार पर कैसे विश्वास करेघ्ष्ष् गौरतलब है कि किसान संगठनों के बीच सोमवार को नए दौर की बातचीत होने वाली है। किसान संगठनों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य ;एमएसपीद्ध की कानूनी गारंटी दी जाए। अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान दिल्ली के निकट पिछले करीब 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि ये कानून कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के कदम हैं और इनसे खेती से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी तथा किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं।

नए मामलों में गिरावट के साथ मरीजों की संख्या भी लगातार कम हो रही है रू मंत्रालय

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । भारत में कोविड.19 के हर रोज नए मामलों की संख्या में कमी आने से उपचाराधीन मामलों की संख्या भी लगातार घटती जा रही है। उपचाराधीन मामले संक्रमण के कुल मामलों का 2ण्36 फीसदी है तथा अधिक संख्या में नमूनों की जांच के चलते संक्रमण की दर भी घटकर 5ण्89 फीसदी रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। इसमें बताया गया कि भारत में कुल 17ए56ए35ए761 नमूनों की कोविड.19 जांच की जा चुकी है जिनमें से 7ए35ए978 नमूनों की जांच एक दिन पहले यानी रविवार को हुई। मंत्रालय ने कहाए ष्ष्बीते 11 दिन में एक करोड़ नमूनों की जांच हुई है। अधिक संख्या में नमूनों की जांच की वजह से संक्रमण की दर भी घटी है और यह 5ण्89 फीसदी रह गई है।ष्ष् इसमें बताया गया कि भारत में 2ए299 प्रयोगशालाओं की मदद से जांच क्षमता बढ़ी है। मंत्रालय ने बताया कि रविवार के कुल उपचाराधीन मामलों की तुलना में सोमवार को इनमें 3ए267 की कमी आई है तथा फिलहाल भारत में कुल 2ए43ए953 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। भारत में संक्रमण मुक्त होने वाले लोगों की संख्या लगभग एक करोड़ होने वाली है। यह आंकड़ा 99ए46ए867 है जिसके साथ स्वस्थ होने की दर 96ण्19 फीसदी है। मंत्रालय ने कहा कि रविवार को कुल 19ए557 लोग संक्रमणमुक्त हुए। संक्रमणमुक्त होने वाले लोगों में से 76ण्76 फीसदी दस राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। ये राज्य हैं केरलए महाराष्ट्रए पश्चिम बंगालए छत्तीसगढ़ए उत्तर प्रदेशए तमिलनाडुए मध्यप्रदेशए गुजरातए राजस्थान और कर्नाटक। केरल में एक दिन के भीतर सर्वाधिक 4ए668 लोग स्वस्थ हुएए महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 2ए064 और पश्चिम बंगाल में 1ए432 है। संक्रमण के जो नए मामले सामने आए हैं उनमें से 83ण्90 फीसदी केरलए महाराष्ट्रए पश्चिम बंगालए तमिलनाडुए कर्नाटकए उत्तर प्रदेशए मध्यप्रदेशए गुजरातए छत्तीसगढ़ और राजस्थान से हैं। केरल में एक दिन के भीतर संक्रमण के सर्वाधिक 4ए600 नए मामले सामने आएए महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 3ए282 और पश्चिम बंगाल में 896 है। रविवार को 214 संक्रमितों की मौत हुई जिनमें से 77ण्57 फीसदी महाराष्ट्रए पश्चिम बंगालए केरलए उत्तर प्रदेशए मध्य प्रदेशए छत्तीसगढ़ए दिल्लीए पंजाब और तमिलनाडु से हैं। महाराष्ट्र में 35 संक्रमितों की मौत हुईए वहीं पश्चिम बंगाल में 26 की और केरल में 25 संक्रमितों की मौत हुई।

निशंक सात जनवरी को जेईई एडवांस की तिथिए आईआईटी में दखिला संबंधी पात्रता मापदंडों की घोषणा करेंगे

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक बृहस्पतिवार सात जनवरी को जेईई एडवांस 2021 की तिथि और आईआईटी में दाखिला संबंधी पात्रता मापदंडों की घोषणा करेंगे। निशंक ने अपने ट्वीट में कहाए ष्ष् मैं आईआईटी में दाखिला संबंधी पात्रता मापदंडों और जेईई एडवांस 2021 की तिथि के बारे में सात जनवरी को शाम 6 बजे घोषणा करूंगा। ष्ष् गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा तिथियों की घोषणा की थी जो 4 मई से शुरू होकर 10 जून को समाप्त होंगी। परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को घोषित होंगे। पिछले महीने ही शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि 2021 से जेईई मेन्स परीक्षा साल में चार बार आयोजित की जायेगी। यह चारों सत्र फरवरीए मार्चए अप्रैल और मई में आयोजित किए जाएंगे। जेईई मेन्स परीक्षा का पहला सत्र 23 फरवरी से 26 फरवरी 2021 के बीच आयोजित किया जाएगा।

भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड.19 टीकाकरण कार्यक्रम होगा शुरूरू प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्लीए 04 जनवरी ;वेबवार्ताद्ध। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औषधि नियामक द्वारा दो टीकों के सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद सोमवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस को काबू करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। उन्होंने ष्भारत में निर्मितष् टीकों के लिए वैज्ञानिकों एवं तकनीशियनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को उन पर गर्व है। मोदी ने कहाए ष्ष्भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड.19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होगा। इसके लिएए देश को अपने वैज्ञानिकों एवं तकनीशियनों के योगदान पर गर्व है।ष्ष् मोदी ने राष्ट्रीय माप पद्धति सम्मेलन में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि ष्भारत निर्मितष्ष् उत्पादों की न केवल वैश्विक मांग होए बल्कि उनकी वैश्विक स्वीकार्यता भी हो। उन्होंने कहाए ष्ष्किसी उत्पाद की गुणवत्ता उसकी मात्रा जितनी ही महत्वपूर्ण है। ष्आत्मनिर्भर भारतष् के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाने के साथ.साथ हमारे मानक भी ऊंचे होने चाहिए।ष्ष् उल्लेखनीय है कि भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड.19 टीके ष्कोविशील्डष् और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ष्कोवैक्सीनष् के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दीए जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

केरल में 290 दिन के बाद खुले विश्वविद्यालयए कॉलेज

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । कोविड.19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन तथा अन्य पाबंदियों के चलते 290 दिन से अधिक समय से बंद कॉलेज और विश्वविद्यालय केरल में सोमवार को आंशिक रूप से खुले।

मार्च से बंद पड़े स्कूल भी एक जनवरी से आंशिक रूप से खोले जा चुके हैं तथा दसवीं एवं बारहवीं के छात्रों के लिए कक्षाएं लगाई जा रही हैं। कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए 1ए350 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों में सीमित संख्या में छात्र आए। जो संस्थान खोले गए हैं उनमें कला एवं विज्ञान कॉलेजए इंजीनियरिंग कॉलेजए राज्य के विश्वविद्यालय तथा राज्य के कासरगोड़ में स्थित एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल है।

स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए कक्षाएं पुनरू आरंभ हो चुकी हैं। हर संस्थान में थर्मल स्क्रीनिंग हो रही हैए मास्क पहनना अनिवार्य हैए सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया जा रहा है तथा परिसरों को लगातार सैनिटाइज भी किया जा रहा है। सरकार के निर्देशों के मुताबिक हर कक्षा में मात्र 50 फीसदी छात्रों को बैठने दिया गया तथा छात्रों की संख्या के आधार पर कई संस्थानों में शिफ्ट व्यवस्था शुरू की गई है।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भाजपा नेता की कार पर चलाई गई गोलियां

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । भाजपा की पश्चिम बंगाल राज्य समिति के सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि ष्ष्तृणमूल कांग्रेस के गुंडोंष् ने पश्चिम वर्द्धमान जिले के आसनसोल में उनकी कार पर गोलियां चलाईंए लेकिन हमलावर वाहन का दरवाजा खोलने में नाकाम रहेए जिसके कारण उनकी जान बच गई।

उधरए राज्य के सत्तारूढ़ दल ने मुखर्जी के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि इस घटना का कारण मुखर्जी की पुरानी रंजिशें हो सकती हैं।

मुखर्जी ने कहाए ष्ष्जब मैं रविवार रात को कोलकाता से आसनसोल के हीरापुर स्थित अपने घर लौट रहा थाए तभी तीन अज्ञात लोगों ने मेरे घर के निकट मेरी कार रोकी और दरवाजे खोलने की कोशिश की। दरवाजा खोलने में नाकाम रहने पर उन्होंने वाहन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। मुझे आशंका है कि ये लोग तृणमूल कांग्रेस के गुंडे थे।ष्ष्

उन्होंने कहाए ष्ष्चालक मदद के लिए चिल्लाया और मैंने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने के लिए बार.बार हॉर्न बजायाए जिसके बाद हमलावर घटनास्थल से फरार हो गए।ष्ष्

मुखर्जी ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे तृणमूल का हाथ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को घटना की जानकारी दे दी है।

तृणमूल कांग्रेस के आसनसोल दक्षिण के विधायक तापस बनर्जी ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुखर्जी जबरन वसूलीए तस्करी और हत्या के मामलों में आरोपी हैं और इस घटना का कारण उनकी कोई पुरानी दुश्मनी हो सकती है।

हीरापुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मुखर्जी से एक शिकायत मिली है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी जा रही है।

गोवा कांग्रेस के बागी विधायकों के मामले में सुनवाई फरवरी तक स्थगित

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । उच्चतम न्यायालय ने गोवा में कांग्रेस के 10 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने संबंधी याचिका की सुनवाई फरवरी तक के लिए सोमवार को स्थगित कर दी।
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर ने इन बागी विधायकों को दल.बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराये जाने के मामले में विधानसभा अध्यक्ष को दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है।
श्री चोडणकर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडेए न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वीण् रमासुब्रमण्यम की खंडपीठ के समक्ष दलील दी कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने संबंधी याचिका 2019 में दायर की गयी थी और करीब डेढ साल बीत जाने के बाद भी गोवा विधानसभा अध्यक्ष ने कोई फैसला नहीं किया है।
श्री सिब्बल ने कहा कि 11 अगस्त 2020 को याचिका की सुनवाई दो सप्ताह बाद करने का सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश जाने के बाद भी याचिका लंबे समय तक सूचीबद्ध नहीं की गयी। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने श्री सिब्बल की इस दलील का पुरजोर विरोध किया।
इस बीच खंडपीठ ने कहा कि याचिका सूचीबद्ध नहीं होने के पीछे कोई निहित स्वार्थ नहीं है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

अनुराग ठाकुर ने ममता से पूछा. क्या देश के मंत्री का बंगाल आना गुनाह हैघ्

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय मंत्रियों का दौरा तेज है। सोमवार को कोलकाता पहुंचे केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा कि आखिर वह देश के केंद्रीय नेताओं को बाहरी क्यों कहती हैंघ् क्या केंद्रीय नेताओं का बंगाल आना कोई गुनाह हैघ् कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने यह सवाल किया। ठाकुर ने कहाए ष्भारत सरकार के मंत्री का पश्चिम बंगाल में आने पर अगर कोई इसको श्बाहरीश् कहता है तो मैं पूछता हूं कि कहां से आने वालों को अंदर का कहा जाता हैघ् क्या भारत सरकार के मंत्री का पश्चिम बंगाल में आना गुनाह है घ् क्या पश्चिम बंगाल की धरती ने भारत वर्ष को सदियों से ऐसे महान नेता दिएए अलग.अलग क्षेत्रों में दिए और वहीं भारत के कोने.कोने से आकर लोगों ने पश्चिम बंगाल को खड़ा करने का प्रयास किया है तो क्या वह अपराध हैघ् क्या भारत सरकार के मंत्री को पश्चिम बंगाल में आने की इजाजत नहीं हैघ्ष् ठाकुर ने कहाए ष्आखिर पश्चिम बंगाल भी भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां पर आने का हर किसी का अधिकार है और पश्चिम बंगाल की धरती से डॉण् श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर जाकर एक देश में श्दो निशानए दो विधान और दो प्रधानश् नहीं रह सकतेए इस नारे को दिया। उनके सपने को साकार भाजपा ने किया। अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त किया और जम्मू.कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनायाए क्योंकि डॉण् मुखर्जी ने कोलकाता से चलकर कश्मीर तक आवाज उठाई थी। लेकिन अब कोलकाता में यह कहा जाता हो कि बाहर से आए हैं तो फिर से सोचना चाहिए कि किस तरह की विचारधारा यह पनप रही है। क्या इस तरह की विचारधारा आगे बढ़नी चाहिए या आज ही अकुंश लगनी चाहिएघ् उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को सोचना होगा कि आखिर ऐसी मुख्यमंत्री को सरकार में रहने का अधिकार हैघ्
आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन की मंजूरी का विरोध करने वालों पर आता है तरस रू योगी आदित्यनाथ

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दिनों कुछ चिकित्सकों ने विरोध किया था कि आयुर्वेद के लोगों को ऑपरेशन करने की इजाजत क्यों दी जा रही है। मुझे उनकी बुद्धि पर तरस आ रहा था। इस धरती का पहला सर्जन आयुर्वेद का ही था और आयुर्वेद ने ही ये सर्जरी की विधा को दिया हैए उन्हें यह बताया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिनए आयुष मिशन के साथ जुड़े हुए चाहे वह आयुर्वेद होए यूनानी हो या होम्योपैथिक हो इन परम्परागत चिकित्सा पद्धति से जुड़े लोगों ने विगत कई सदियों से कोई भी नया शोध करने का प्रयास नहीं किया। इन्होंने अपने महत्व को आगे बढ़ाने का प्रयास नहीं किया। इसलिए ये एलोपैथ की तुलना में पिछड़ गए।

मुख्यमंत्री सोमवार को अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयुष विभाग के नव चयनित 1ए065 आयुर्वेद.होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 142 योग वैलनेस सेंटर का उद्घाटन तथा उत्तर प्रदेश आयुष टेलीमेडिसिन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में लखनऊ के अतिरिक्त अन्य जनपदों के एनआईसी में उपस्थित नव चयनित आयुर्वेद होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों.जिलाधिकारियों के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि परम्परागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि हम लोग केवल दूसरों द्वारा जो सब्जबाग दिखाए जाते हैंए प्रचार किए जाते हैं उसके पीछे भागते हैं। जितनी व्यापक संभावनाएं हैंए उस पर ध्यान नहीं देते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में आयुष मिशन भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति को प्रेरित और प्रोत्साहित करने का बहुत अच्छा माध्यम है। कोरोना कालखंड में तो लोगों को भारत की परम्परागत चिकित्सा विधा के बारे में सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले जब किसी के घर में कोई मेहमान आता था और उससे चायए पकवान आदि के बारे में नहीं पूछा जाता थाए तो वह उसमें नाराजगी देखने को मिलती थी। अगर तब काढ़ा के बारे में चर्चा भी कर दी जाती थी तो माना जाता था कि उस व्यक्ति की सोच बहुत पुरानी है। लेकिनए आज कोरोना ने हम सभी को जब बचाव का एक मौका दिया तो कहीं भी चले जाइएए घर से लेकर निजी संस्थानए विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालयए ग्राम पंचायत की बैठक से लेकर नीति आयोग की मीटिंग तकए हर स्तर पर आजकल चायए कॉफी और अन्य कुछ नहीं सबसे अधिक मांग आयुर्वेद के काढ़ा की हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काढ़ा आयुर्वेद की पद्धति में आज से नहींए हजारों वर्षों पहले से उपयोग किया जाता रहा है। ऋतु परिवर्तन के साथ इसका सेवन करने की प्रेरणा प्राचीन काल से ही है। खासतौर पर तुलसी का काढ़ा तो हर सामान्य घर में उपयोग किया जाता है। तुलसी के सूखने पर भी उसकी पत्तियों को सुरक्षित रखते हुए लोग इसका सेवन करते हैं।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के बारे में तो प्राचीन काल से ही घर.घर में दादी के नुस्खे के नाम पर हम इसका उपयोग करते रहे हैं और यह आज भी हर परिवार किसी ना किसी रूप में इसका उपयोग करता है। उन्होंने कहा कौन भारतीय होगा जिसके घरों में हल्दीए हींग और अदरक का उपयोग नहीं होता हौ। इनके औषधीय गुणों के कारण भारतीय प्राचीन काल से इनका उपयोग करते आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारे पूर्वज इनका इस्तेमाल करते थेए तो दुनिया हमें पिछड़ा मानती थी। आज जब दुनिया की जान में आफत पड़ी तो वह भी इसकी मांग कर रही है। इस समय दुनिया में सबसे अधिक मांग भारत के काढ़े की हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा हम अपने आयुर्वेद और आयुष मिशन की कीमत को समझें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद आयुष मिशन को एक अभियान के रूप में लिया और आयुष मंत्रालय का गठन करते हुए इस विधा के प्रोत्साहन के लिए अनेक प्रकार के कार्यक्रम पूरे देश के अंदर प्रारंभ किए। इसके साथ ही देश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भी दिल्ली के अंदर बनाया गया।

भव्य राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए स्वयंसेवक तपोभूमि चित्रकूट में चलायेंगे महा संपर्क अभियान

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बृहद महा अभियान की शुरुआत कर रहा है। इस संदर्भ में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सीमा से लगे मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां खंड की बैठक कृषि विज्ञान केंद्र मझगांव में संपन्न हुई ।

बैठक में सतना विभाग प्रमुख सुभाष बनर्जी ने स्वयंसेवकों से कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम सनातन धर्म संस्कृति हिंदू जनमानस के लिए हम सबके हृदय में सर्वोच्च स्थान रखते हैं। सैकड़ों वर्षों की तपस्या के बाद श्री राम मंदिर के भव्य निर्माण का सपने जो हम अभी तक देखते आ रहे थे वह बीती 05 अगस्त 2020 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में भूमि पूजन किये जाने के बाद से वह प्रतीक्षा समाप्त हो गई है। अब हम सबको अपनी ऊर्जा के साथ श्री राम मंदिर निर्माण के लिए घर.घरए गांव.गांव और नगर में प्रत्येक घर में संपर्क अभियान चलाकर लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए जागृत करना है।

इसके लिए स्वयं सेवकों की एक टोली नाथ गांवए नगर स्तर पर भ्रमण करके संपर्क कर भव्य मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए संपर्क करेगी। बताया कि 14 जनवरी से 27 फरवरी तक किया अभियान मझगवां खंडए चित्रकूट धाम नगर के क्षेत्र में वृहद रूप से चलाया जाएगा। बैठक में जिला संघचालक राम बेटा कुशवाहाए तहसील खंड संचालकप्रोफेसर भरत मिश्रए तहसील कार्यवाह सुशील मिश्राए नगर कार्यवाह अशोक तिवारीए विहिप के जिला उपाध्यक्ष दुर्गेश तिवारीए मठ मंदिर संपर्क प्रमुख महंत राम निहोर दास आदि मौजूद रहे।

मुरादनगर श्मशान हादसे में मायावती की दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 04 जनवरी । बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत गिरने से मौतों के मामले में दोषियों को सख्य सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी का न बचाया जाए।

मायावती ने सोमवार को अपने ट्वीट में कहा कि उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबादए मुरादनगर में स्थित श्मशान घाट की छत गिरने से लगभग चौबीस लोगों की हुई मौत अति दर्दनाक व कष्टदायक है। पीड़ित परिवार के प्रति अति संवेदना व कुदरत इन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे। उन्होंने कहा कि इसके साथ हीए उत्तर प्रदेश सरकार इस घटना की सही व समय से जांच कराके इसके दोषियों को सख्त सजा जरूर दिलाये अर्थात् किसी को भी ना बचाये तथा पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मदद भी जरूर करेए बसपा की यह मांग है।

मुरादनगर के वृद्ध जयराम की बीमारी के चलते मौत हो गई। रविवार सुबह करीब दस बजे जयराम के शव को लेकर लोग उखलारसी अंत्येष्टि स्थल गए थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने पर पुजारी ने सभी लोगों को जयराम की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन के लिए गलियारे में बुलाया। इसी दौरान गलियारे की छत भरभराकर गिर गई।

हादसे को लेकर जयराम के बेटे दीपक की ओर से थाना मुरादनगर में नगर पालिका ईओ ;अधिशासी अधिकारीद्ध निहारिका सिंहए जेई ;अवर अभियंताद्ध चंद्रपालए सुपरवाइजर आशीष और निर्माण करने वाले ठेकेदार अजय त्यागी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। निर्माण करने वाले अज्ञात कर्मचारी व श्रमिकों को भी आरोपित बनाया गया है। मामले में पुलिस ने तीन लोगों ईओए जेई और सुपरवाइजर की गिरफ्तार कर लिया है। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

वहीं मृतकों के परिजनों ने सोमवार सुबह मुरादनगर में दो जगह शव रख जाम लगा दिया। बताया जा रहा है कि एक जगह चार शव और दूसरी जगह तीन शव रख परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। शव को सड़क पर रखकर परिजन 15 लाख रुपयेए एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे में मृतकों के आश्रितों को दो.दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मण्डलायुक्तए मेरठ एवं एडीजीए मेरठ जोन को घटना के सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

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