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Home›News›देश 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों के बलिदान को हमेशा याद रखेगा रू राजनाथ

देश 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों के बलिदान को हमेशा याद रखेगा रू राजनाथ

By Antim Pravakta
December 16, 2020
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अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को कहा कि 1971 के युद्ध में सैनिकों का बलिदान सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह देश उन्हें हमेशा याद रखेगा। गौरतलब है कि 16 दिसम्बर को भारत में ष्विजय दिवसष् के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन पाकिस्तान के खिलाफ 1971 में भारत को जीत मिली थीए जिसके फलस्वरूप एक देश के रूप में बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। सिंह ने ट्वीट कियाए ष्ष्आज विजय दिवस के अवसर परए मैं भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम की परम्परा को नमन करता हूं। मैं स्मरण करता हूं उन जांबाज़ सैनिकों की बहादुरी को जिन्होंने 1971 के युद्ध में एक नई शौर्यगाथा लिखी।ष्ष् उन्होंने कहाए ष्ष्उनका त्याग और बलिदान सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह देश उन्हें हमेशा याद रखेगा।ष्ष्

किसान प्रदर्शन रू चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई गई

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर को पूरी तरह जाम करने की चेतावनी देने के बाद प्रमुख बॉर्डर पर बुधवार को सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कंक्रीट के अवरोधकों सिहत जर्सी बैरियर भी लगाए गए हैं और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। किसान नेताओं ने मंगलवार को कहा था कि वह सरकार से नए कानूनों को वापस ष्ष्करवा करष्ष् रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा था कि लड़ाई अब उस स्त्तर पर पहुंच गई हैए जहां जो भी हो वे जीतने को ष्ष्प्रतिबद्धष्ष् हैं। नेताओं ने कहा था कि किसान यूनियन बातचीत से नहीं भाग रही लेकिन सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए और कोई मजबूत प्रस्ताव के साथ सामने आना चाहिए। दिल्ली से लगी सीमाओं पर हजारों किसान 21 दिन से डटे हैंए जिस कारण कई मार्ग बंद हैं। पुलिस के अनुसार सिंघूए औचंदीए प्याऊ मनियारीए सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद है और लोगों से लामपुरए सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बार्डर से होकर वैकल्पिक मार्ग पर जाने को कहा गया है। मुकरबा तथा जीटीके रोड से भी यातायात परिवर्तित किया गया है। उन्होंने कहा कि आउटर रिंग रोडए जीटीके रोड और एनएच.44 पर जाने से बचें। इस बीचए प्रदर्शन के कारण गाजियाबाद से दिल्ली आने वाले लोगों के लिए गाजीपुर बॉर्डर बंद रहेगा। लोगों को आनंद विहारए डीएनडीए चिल्लाए अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर से होकर आने की सलाह दी जाती है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार सितम्बर में पारित किए तीन नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही हैए वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी ;न्यूनतम समर्थन मूल्यद्ध और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।
मोदी ने विजय दिवस पर ष्स् वर्णिम विजय मशालष् प्रज् ज्वलित की

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1971 के भारत.पाकिस्तान युद्ध के 50 साल पूरा होने के अवसर पर बुधवार को राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक की अमर ज्योति से ष्ष्स् वर्णिम विजय मशालेंष्ष् प्रज् ज्वलित कर उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में रवाना किया। विजय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहए प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ;सीडीएसद्ध विपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख उपस्थित थे। इस मौके पर रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ सिविल व सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पुष्पचक्र समर्पित कर 1971 के युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार भी व्यक्त किए। मोदी ने राष् ट्रीय समर स् मारक पर लगातार जलती रहने वाली ज् योति से चार विजय मशालें प्रज् ज्वलित कीं और उन् हें 1971 के युद्ध के परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेताओं के गांवों सहित देश के विभिन् न भागों के लिए रवाना किया। बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहाए ष्ष्विजय दिवस के मौके पर हम अपने सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को याद करते हैंए जिसके फलस्वरूप 1971 के युद्ध में अपने देश को निर्णायक विजय हासिल हुई। इस विशेष दिन पर मुझे राष्ट्रीय समर स्मारक पर स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्जवलित करने का सम्मान मिला।ष्ष् इन विजेताओं के गांवों के अलावा 1971 के युद्ध स् थलों की मिट्टी को नई दिल् ली के राष् ट्रीय युद्ध स् मारक में लाया जाएगा। ष्ष्स्वर्णिम विजय मशालष्ष् के रवाना होने के साथ ही अब पूरे देश में 1971 के युद्ध की याद में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगेए जहां पर पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक साल भर होने वाले समारोहों के दौरान सेना के बैंड का प्रदर्शनए सेमिनारए प्रदर्शनीए उपकरणों का प्रदर्शनए फिल्म समारोहए संगोष्ठी और रोमांचक गतिविधियों के आयोजन जैसे कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में 1971 में भारत को जीत मिली थी और केवल 13 दिनों के युद्ध के बाद एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। 1971 के युद्ध को सबसे छोटे युद्धों में गिना जाता है। इस युद्ध ने दक्षिण एशिया का भौगोलिक और राजनीतिक परिदृश् य बदल दिया था।
जेईई.मेन संबंधी कार्यक्रम की बुधवार को घोषणा की जाएगीरू शिक्षा मंत्री

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ष्निशंकष् ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने जेईई.मेन अगले साल कराने को लेकर मिले सुझावों की समीक्षा की है और परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा बुधवार को की जाएगी। पोखरियाल ने पिछले सप्ताह छात्रों के साथ ऑनलाइन वार्ता में कहा था कि सरकार अगले वर्ष से एक साल में तीन या चार बार संयुक्त प्रवेश परीक्षा ;जेईईद्ध.मेन कराने के सुझावों पर विचार कर रही है। मंत्री ने कहा था कि जेईई ;मेन 2021द्ध के लिए पाठ्यक्रम पूर्ववर्ती वर्ष जैसा ही रहेगा और एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है जिसके तहत छात्रों को 90 ;भौतिक विज्ञानए रसायन विज्ञान और गणित के 30 .30 सवालोंद्ध में से 75 सवालों ;भौतिक विज्ञानए रसायन विज्ञान और गणित के 25.25 सवालोंद्ध का जवाब देने का विकल्प मिलेगा। निशंक ने ट्वीट कियाए ष्ष्जेईई ;मेनद्ध के संबंध में अपने रचनात्मक सुझाव साझा करने के लिए धन्यवाद। हमने आपके सुझावों की समीक्षा की है। मैं इसकी घोषणा आज शाम छह बजे करूंगा कि परीक्षा का कार्यक्रम क्या होगा और परीक्षा कितनी बार होगी।ष्ष् पोखरियाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इंजीनियरिंग परीक्षा जेईई.मेन तथा मेडिकल परीक्षा नीट का पाठ्यक्रम कम नहीं किया जाएगा। मंत्री ने 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में कहा था कि बोर्ड परीक्षाओं की तिथि पर फैसला करने को लेकर सभी पक्षकारों के साथ विचार.विमर्श किया जा रहा है और इस संबंध में जल्द ही फैसला किया जाएगा। बोर्ड परीक्षाएं हर साल मार्च में आयोजित होती हैंए लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण इसे बीच में ही रोकना पड़ा था। महामारी के कारण जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी इस साल दो बार स्थगित करनी पड़ी।

दिल्ली बार्डरों से किसानों को हटाने संबंधी याचिका पर न्यायालय ने केन्द्र से मांगा जवाब

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । उच्चतम न्यायालय ने कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसानों को हटाने के लिये दायर याचिकाओं पर बुधवार को केन्द्र और अन्य राज्यों से जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडेए न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने सुनवाई के दौरान संकेत दिया कि न्यायालय इस विवाद का समाधान खोजने के लिये एक समिति गठित कर सकता है। इस समिति में सरकार और देश भर की किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जायेगा। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे विरोध प्रदर्शन कर रही किसान यूनियनों को भी इसमें पक्षकार बनायें। न्यायालय इस मामले में बृहस्पतिवार को आगे सुनवाई करेगा। पीठ ने केन्द्र से कहाए ष्ष्आप विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत कर रहे हैं लेकिन अभी तक इसका कोई हल नहीं निकला है।ष्ष् केन्द की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि सरकार ऐसा कुछ भी नहीं करेगी जो किसानों के हितों के विरुद्ध हो। दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को तुरंत हटाने के लिये न्यायालय में कई याचिकायें दायर की गयी हैं। इनमें कहा गया है कि इन किसानों ने दिल्ली.एनसीआर की सीमाएं अवरूद्ध कर रखी हैं जिसकी वजह से आने जाने वालों को बहुत परेशानी हो रही है और इतने बड़े जमावड़े की वजह से कोविड.19 के मामलों में वृद्धि का भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।
न्यायालय ने सभी को सामान आधार पर गुजरा भत्ता देने के अनुरोध वाली याचिका पर केन्द्र से मांगा जवाब

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र से बुधवार को उस याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहाए जिसमें वैवाहिक विवादों में रखरखाव और गुजारा भत्ता ष्ष्लैंगिक और धर्मष्ष् के आधार पर भेदभाव किए बिना देने का अनुरोध किया गया है। प्रधान न्यायाधीश एसण् एण् बोबडे के नेतृत्व वाली एक पीठ ने केन्द्रीय गृह मंत्रालयए विधि एवं न् याय मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए भाजपा नेता एवं वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका पर जवाब मांगा। न्यायमूर्ति एण् एसण् बोपन्नाए न्यायमूर्ति वीण् रामा सुब्रमण्यन भी इस पीठ में शामिल थे। पीठ ने उपाध्याय की ओर से पेश हुई वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा की दलील सुनी और कहाए ष्ष्हम पूरी सर्तकता के साथ नोटिस जारी कर रहे हैं।ष्ष् याचिका में रखरखाव और गुजारा भत्ता देने से जुड़ी प्रचलित विसंगतियों को दूर करने और उसे धर्मए नस्लए जातिए लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव के बिना सभी नागरिकों के लिए एक समान बनाने के लिए सरकार को उचित कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया कि संविधान में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद भीए केन्द्र सरकार सभी नागरिकों को लैंगिकए धार्मिक भेदभाव के बिना गुजारा भत्ता देने में विफल रही है।

तलाक और गुजारा भत्ता के लिए एक समान कानून की गुहारए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्लीए 16 दिसंबर ;वेबवार्ताद्ध। तलाक और गुजारा भत्ता तय करने के लिए देश भर के प्रत्येक नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सावधानी रखनी होगी क्योंकि मामला पर्सनल लॉ से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कैसे हम पर्नसल लॉ में दखल दे सकते हैं। हम एहतियात के साथ नोटिस जारी कर रहे हैं। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुआई वाली बेंच के सामने जब मामले की सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि आप चाहते हैं कि पर्नसल लॉ को खत्म कर दिया जाएघ् आप ऐसा नहीं कह रहे हैं लेकिन इस मामले में जो कुछ भी कहा गया है वह वास्तव में ऐसा ही है। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम कैसे पर्सनल लॉ में दखल दे सकते हैं। तलाकए गुजारा भत्ता और निर्वहन खर्चा के लिए एक समान कानून तय करने की जो गुहार है उससे कई मुद्दे जाहिर तौर पर उठेंगे क्योंकि ये धर्म के आधार पर अलग.अलग हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। गुजारा भत्ता और तलाक के ग्राउंड में विषमताओंं को दूर कर एक समान ग्राउंड तय करने के लिए एडवोकेट व बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने अर्जी दाखिल की है उनकी ओर से एडवोकेट पिंकी आनंद और मीनाक्षी अरोड़ा पेश हुईं। मामले की सुनवाई के दौरान पिंकी आनंद और मीनाक्षी अरोड़ा ने दलील दी कि तलाक और गुजारा भत्ता मामले में अलग.अलग धर्म में विभेद है और इस भेदभाव को खत्म किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार में तीन तलाक जैसे प्रावधान को सायरा बानो केस में खत्म किया था। अरोड़ा ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संविधान के तहत लोगों के अधिकार और गरिमा को बरकरार रखे। अगर कोई भी धार्मिक गतिविधि किसी के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है तो फिर उसे खत्म किया जाना चाहिए। मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम समुदाय में गुजारा भत्ता के मामले में भेदभाव का शिकार हो रही हैं। तब सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि सवाल ये है कि कौन से प्रैक्टिस को लागू किया जाए। आप कैसे कह सकते हैं कि हिंदूए मुस्लिम या क्रिश्चियन कौन से प्रावधान को सब पर लागू कर दिया जाए। याचिकाकर्ता ने दो अर्जी दाखिल की है। पहली अर्जी में गुजारा भत्ता और एलमनी यानी एक मुश्त निर्वहन भत्ता के लिए एक समान नियम की गुहार लगाई गई है औ्र कहा गया है कि इसके आड़े धर्म और लिंग भेद नहीं आना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि लॉ मिनिस्ट्री को निर्देश दिया जाए कि वह इस मामले में विषमताओं को दूर करे। गुजारा भत्ता के लिए एक समान ग्राउंड तय किया जाना चाहिए और सभी नागरिकों के लिए यह एक समान हो चाहे वह किसी धर्मए जातिए सेक्स के क्यों न हों और न ही जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव हो। संविधान समानता की बात करता है। गुजारा भत्ता और निर्वहन भत्ता जीवन चलाने का एकमात्र साधन है और उसे तय करने में लिंग और धर्म के आधार पर विभेद नहीं होना चाहिए। हिंदूए बुद्धए सिख और जैन हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत आते हैं साथ ही हिंदू एडॉप्शन एंड मेनटेनेंस एक्ट 1956 भी इन पर लागू होता है। क्रिश्चियन इंडियन डिवोर्स एक्ट 1869 से नियंत्रित होते हैं। जबकि पारसी लोग पारसी मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट से गवर्न होते हैं। मुस्लिम के मामले में मुस्लिम वूमेन एक्ट 1986 के तहत गुजारा भत्ता तय होता हैं। याचिका में एक समान ग्राउंड तय किए जाने की गुहार लगाई गई है। वहीं दूसरी अर्जी में कहा गया है कि तलाक के लिए सभी नगरिकों के लिए एक समान ग्राउंड होना चाहिए। इंटरनेशन और संवैधानिक भावना के तहत एक समान तलाक का ग्राउंड होना चाहिए। इस मामले में विषमताएं दूर करने केलिए निर्देश जारी हो कि किसी भी नागरिक को तलाक के लिए धर्मए जातिए सेक्स और जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं की जानी चाहिए और विषमताएं दूर होना चाहिए। तलाक के लिए भेदभाव वाले ग्राउंड किया जाना संविधान के अनुच्छेद.14ए 15 व 21 का उल्लंघन है। मामले में गुहार लगाई गई है कि गाइडलाइंस तय किया जाए कि देश के सभी नागरिकों के लिए तलाक का एक ही ग्राउंड हो। लॉ कमिशन को कहा जाए कि वह तलाक के कानून को एग्जामिन करे और यूनिफर्म ग्राउंड तय करे। हिंदूए बौद्धए जैन और सिख का तलाक हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत होता है। मुस्लिमए पारसी और क्रिश्चियन का पर्सनल लॉ है जिसके तहत तलाक का प्रावधान किया गया है। और अगर अलग.अलग धर्म के कपल हैं तो स्पेशल मैरिज एक्ट 1956 के तहत तलाक होता है। इस मामले में एक समान कानून के लिए गुहार लगाई गई है।

व्हाट्सऐप भारत में उपयोगकर्ताओं को स्वास्थ्य बीमा खरीदने में करेगी मदद

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 16 दिसंबर । व्हाट्सऐप ने बुधवार को कहा कि वह भारत में अपने उपयोगकर्ताओं को वित्तीय सेवाओं तक व्यापक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए इस साल के अंत तक अपने मंच से ष्ष्किफायती स्केच.साइजष्ष् स्वास्थ्य बीमा खरीदने की पेशकश करेगी। स्केच साइज बीमा योजनाओं में खास जरूरतों पर आधारित बीमा की पेशकश की जाती हैए जिनमें प्रीमियम और बीमा कवर दोनों ही कम होते हैं। फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा कि उसकी ष्भुगतानष् सुविधा अब बैंकिंग भागीदारों . भारतीय स्टेट बैंकए एचडीएफसी बैंकए आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के समर्थन से देश भर में ;वर्तमान में दो करोड़ उपयोगकर्ताओं तकद्ध उपलब्ध है। व्हाट्सऐप इंडिया के प्रमुख अभिजीत बोस ने फेसबुक के कार्यक्रम ष्फ्यूल ऑफ इंडिया 2020ष् में कहाए ष्ष्व्हाट्सऐप भारत में 40 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के लिए प्रतिबद्ध हैए यह हमारा सबसे बड़ा बाजार है। हमारी प्राथमिकता हमेशा लोगों को एक दूसरे से जुड़ने के लिए सबसे सरलए विश्वसनीयए निजी और सुरक्षित साधन मुहैया करना होगा। हालांकिए भारत में हम चार अन्य स्तंभों पर भी निर्माण कर रहे हैं।ष्ष् उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप भारत के छोटे व्यवसायों के और अधिक डिजिटलीकरण में मदद करना चाहता हैए ताकि उपभोक्ताओं के लिए अपने पसंदीदा व्यवसायों से जुड़ना और उन्हें खरीदना आसान हो सके। इसके लिए सभी क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान का निर्माण करना हैए खासकर भारत में बिना लाइसेंस वाले उपयोगकर्ताओं के लिए। बोस ने कहाए ष्ष्व्हाट्सएप लगातार कई योजनाओं पर काम कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सके कि हर व्यक्ति अपने मोबाइल डिवाइस के जरिए सबसे बुनियादी वित्तीय सेवाओं और आजीविका संबंधी सेवाओं को पा सके। हमें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक लोग व्हाट्सऐप के जरिए किफायती स्केच.साइज स्वास्थ्य बीमा खरीद सकेंगे।ष्ष् उन्होंने कहा कि इसके अलावा एडु.टेक और एग्री.टेक जैसे अन्य क्षेत्रों में की जा रही पहल से अधिक डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने के सरकार के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी। एक बयान में व्हाट्सऐप ने कहा कि इस साल के अंत तक एसबीआई जनरल के किफायती स्वास्थ्य बीमा को व्हाट्सऐप के जरिए खरीदा जा सकेगा।

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