राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी Archives - अंतिम प्रवक्ता https://www.antimpravakta.com/tag/राष्ट्रपति-प्रणब-मुखर्जी/ News Agency in Delhi Mon, 03 Jul 2017 04:25:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार जीएसटी देशभर में लागू https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0/#respond Sun, 02 Jul 2017 04:12:02 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=2612 देश में आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 01 जुलाई मध्यरात्रि को संसद के केंद्रीय सभागार में लागू हो गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ बटन दबाकर जीएसटी को लागू किया। एक देश, एक कर, एक बाजार के सिद्धांत पर आधारित इस कर को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवगौड़ा, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली, सांसदों, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यों के वित्त मंत्रियों और केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों की उपस्थिति में लागू किया गया। जीएसटी में 17 छोटे-बड़े करों को समाहित किया […]

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देश में आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 01 जुलाई मध्यरात्रि को संसद के केंद्रीय सभागार में लागू हो गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ बटन दबाकर जीएसटी को लागू किया।

एक देश, एक कर, एक बाजार के सिद्धांत पर आधारित इस कर को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवगौड़ा, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली, सांसदों, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यों के वित्त मंत्रियों और केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों की उपस्थिति में लागू किया गया।

जीएसटी में 17 छोटे-बड़े करों को समाहित किया गया है। जीएसटी पर 14 वर्षो के विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम का कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनत दल (आरजेडी), डीएमके और वाम दलों ने बहिष्कार किया।

विपक्षी दलों ने जीएसटी को केंद्र सरकार के प्रचार का हथकंडा बताया। इस कार्यक्रम से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी दूरी बनाए रखी। हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी के लांच मौके पर कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का लागू होना देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है और यह देश की परिपक्वता एवं विवेक की भेंट है। मुखर्जी ने कहा कि आगामी महीनों में जीएसटी परिषद और केंद्रीय और राज्य सरकारें लगातार इसकी समीक्षा करेंगी और इसमें सुधार करेंगी।

मुखर्जी ने संसद के केंद्रीय सभागार से अपने संबोधन में कहा, जीएसटी का लागू होना देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है। यह ऐतिहासिक क्षण उस 14 वर्ष की यात्रा की समाप्ति है, जो दिसंबर 2002 में शुरू हुई थी। जब केलकर टास्क फोर्स ने मूल्य वर्धित कर सिद्धांत के आधार पर एक समग्र वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का सुझाव दिया था।

मुखर्जी ने कहा, वित्त मंत्री के तौर पर मैं जीएसटी की रूपरेखा और इसके क्रियान्वयन में में शामिल रहा। यह व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए संतुष्टि भरा क्षण भी रहा क्योंकि वित्त मंत्री के तौर पर मैंने 22 मार्च 2011 को संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से देश को एक नए मुकाम पर पहुंचाने में मदद मिलेगी और इस उपलब्धि को किसी एक पार्टी या किसी एक सरकार की उपलब्धि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

मोदी ने संसद के केंद्रीय सभागार में जीएसटी लांच करते हुए कहा, हम देश के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करने पर विचार कर रहे हैं। हम जीएसटी के लांच के साथ एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं, जो किसी एक पार्टी या सरकार की उपलब्धि नहीं है बल्कि यह सामूहिक विरासत है। यह हमारे सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। मोदी ने जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स कहते हुए कहा कि शुरुआत में थोड़ी समस्या होगी लेकिन उचित समय पर सभी इससे परिचित हो जाएंगे।

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का क्रियान्वयन कर देश इतिहास रच रहा है। एक कर, एक देश और एक बाजार की व्यवस्था के साथ देश के समक्ष आर्थिक स्तर पर व्यापक संभावनाएं खुलेंगी।

जेटली ने सभी राजनीतिक दलों से जीएसटी का समर्थन कर देश हित में इस संकीर्ण सोच वाली राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान किया। जेटली ने जीएसटी लांच के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, हम आज देश की एक महत्वपूर्ण यात्रा के लिए इकट्ठा हुए हैं। हम जीएसटी के लांच के साथ इतिहास रचने की प्रक्रिया में हैं।

जानिए क्या है जीएसटी और किस पर देना होगा कितना टैक्स…
जीएसटी एक एकीकृत टैक्स व्यवस्था है। केंद्र और राज्य अलग-अलग विभिन्न मदों पर सर्विस टैक्स, सेल्स टैक्स, वैट, एक्साइज ड्यूटी जैसे अप्रत्यक्ष कर वसूलते थे। अब इन सभी करों को जीएसटी में समाहित कर दिया गया है। भारत में जीएसटी की चार दरें तय की गई हैं, ये दरें हैं 5, 12, 18 और 28 फीसदी। इसके अतिरिक्त कुछ वस्तुओं पर सेस लगाने की व्यवस्था भी लागू की गई है। फिलहाल पेट्रोल, डीजल और शराब को जीएसटी से बाहर रखा गया है।

हमने अपने पाठकों के लिए विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स रेट की पूरी लिस्ट तैयार की है। इस लिस्ट की मदद से यह जानने में आसानी होगी कि इस नई कर व्यवस्था में आपको किस वस्तु या सेवा के लिए कितना टैक्स और सेस देना होगा।

इन चीजों पर सरकार ने घटाया जीएसटी…

  • इंसुलिन पर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी
  • स्कूल बैग्स पर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी
  • एक्सरसाइज बुक्स पर 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी
  • कंप्यूटर प्रिंटर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी
  • अगरबत्ती पर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी
  • काजू पर 12 फीसदी घटाकर 5 फीसदी
  • डेंटल वैक्स पर 28 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी
  • प्लास्टिक बेडस्पर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी
  • प्लास्टिक टर्पोलिन पर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी
  • कलरिंग बुक्स पर 12 फीसदी से घटकर 0
  • प्री-कॉस्ट कंक्रीट पाइप्स पर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी
  • कल्टरी पर 18 फीसदी से घटकर 12 फीसदी
  • ट्रैक्टर कंपोनेंट्स पर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी

सेवाओं पर जीएसटी रेट…

0 फीसदी जीएसटी रेट सर्विसेज: नॉन-एसी ट्रेन टिकट, मेट्रो, बस, ऑटो, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक और चैरिटेबल सेवाएं, टोल, बिजली, रिहायशी घर का किराया, पीएफआरडीए, ईपीएफओ और ईएसआईसी की सेवाएं, म्यूजियम, नेशनल पार्क में एंट्री, जनधन और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाएं, 1,000 रुपए तक किराये वाले होटल, दूध, नमक, आटा, दाल, चावल जैसी चीजों की ढुलाई।

5 फीसदी जीएसटी रेट सर्विसेज: ट्रेन या ट्रक से माल ढुलाई, एसी ट्रेन टिकट, कैब सेवा, विमान का इकोनॉमी क्लास का टिकट, टूर ऑपरेटर सर्विसेज, विमान की लीजिंग, प्रिंट मीडिया में एडवर्टाइजिंग।

12 फीसदी जीएसटी रेट सर्विसेज: रेलवे कंटेनर से सामान ढुलाई, विमान का बिजनेस क्लास का टिकट, नॉन-एसी रेस्तरां में खाना, रोजाना 1000-2500 रुपए किराये वाला होटल, कॉम्प्लेक्स या बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन, पेटेंट अधिकार का अस्थायी ट्रांसफर।

18 फीसदी जीएसटी रेट सर्विसेज: फोन बिल, बैंकिंग, बीमा और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज, एसी और शराब लाइसेंस वाले रेस्तरां, आउटडोर कैटरिंग में खाने की सप्लाई, रोजाना 2500-5000 रु. किराए वाले होटल, सर्कस, क्लासिकल और फोक डांस, थियेटर और ड्रामा के 250 रु. से ज्यादा के टिकट, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट की कंपोजिट सप्लाई।

28 फीसदी जीएसटी रेट सर्विसेज: सिनेमा टिकट,थीम पार्क, वाटर पार्क, मेरी-गो-राउंड, गोकार्टिंग, कैसिनो, रेसकोर्स, बैले, आईपीएल जैसे स्पोर्ट्स इवेंट, फाइव स्टार या इससे अधिक रेटिंग वाले होटल के रेस्तरां, रोजाना 5,000 रुपए से अधिक रूम रेंट वाले होटल, गैंबलिंग।

इन प्रोडक्ट्स पर 28 फीसदी टैक्स के साथ सेस भी लगेगा…

  • पेट्रोल कार: 4 मीटर से कम लंबी, 1200 सीसी से कम इंजन क्षमता दृ 1 फीसदी सेस कुल टैक्स 29 फीसदी।
  • डीजल कार: 4 मीटर से कम लंबी, 1500 सीसी से कम इंजन क्षमता- 3 फीसदी सेस कुल टैक्स 31 फीसदी।
  • अन्य सभी कार और एसयूवी: 15 फीसदी सेस, कुल टैक्स 43 फीसदी।
  • मोटरसाइकिल 350 सीसी से ज्यादा क्षमता वालीः 3 फीसदी सेस, कुल टैक्स 31 फीसदी।
  • प्राइवेट प्लेन और याच: 3 फीसदी सेस, कुल टैक्स 31 फीसदी।
  • कोल्ड ड्रिंक्स, लेमोनेड: 12 फीसदी सेस, कुल टैक्स 40 फीसदी।
  • बिना तंबाकू के पान मसाले: 60 फीसदी सेस, कुल टैक्स 88 फीसदी।
  • तंबाकू वाला गुटखा: 204 फीसदी सेस. कुल टैक्स 232 फीसदी।
  • अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स: 61-160 फीसदी सेस, कुल टैक्स 89-188 फीसदी

वस्तुओं पर जीएसटी रेट…

0 फीसदी जीएसटी रेट आइटम्स: गेहूं, चावल, दूसरे अनाज, आटा, मैदा, बेसन, चूड़ा, मूड़ी (मुरमुरे), खोई, ब्रेड, गुड़, दूध, दही, लस्सी, खुला पनीर, अंडे, मीट-मछली, शहद, ताजी फल-सब्जियां, प्रसाद, नमक, सेंधा/काला नमक, कुमकुम, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, पान के पत्ते, गर्भनिरोधक, स्टांप पेपर, कोर्ट के कागजात, डाक विभाग के पोस्टकार्ड/लिफाफे, किताबें, स्लेट-पेंसिल, चॉक, समाचार पत्र-पत्रिकाएं, मैप, एटलस, ग्लोब, हैंडलूम, मिट्टी के बर्तन, खेती में इस्तेमाल होने वाले औजार, बीज, बिना ब्रांड के ऑर्गेनिक खाद, सभी तरह के गर्भनिरोधक, ब्लड, सुनने की मशीन।

5 फीसदी जीएसटी रेट आइटम्स: ब्रांडेड अनाज, ब्रांडेड आटा, ब्रांडेड शहद, चीनी, चाय, कॉफी, मिठाइयां, खाद्य तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, बच्चों के मिल्क फूड, रस्क, पिज्जा ब्रेड, टोस्ट ब्रेड, पेस्ट्री मिक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन फल-सब्जियां, पैकिंग वाला पनीर, ड्राई फिश, न्यूजप्रिंट, ब्रोशर, लीफलेट, राशन का केरोसिन, रसोई गैस, झाडू, क्रीम, मसाले, जूस, साबूदाना, जड़ी-बूटी, लौंग, दालचीनी, जायफल, जीवन रक्षक दवाएं, स्टेंट, ब्लड वैक्सीन, हेपेटाइटिस डायग्नोसिस किट, ड्रग फॉर्मूलेशन, क्रच, व्हीलचेयर, ट्रायसाइकिल, लाइफबोट, हैंडपंप और उसके पार्ट्स, सोलर वाटर हीटर, रिन्यूएबल एनर्जी डिवाइस, ईंट, मिट्टी के टाइल्स, साइकिल-रिक्शा के टायर, कोयला, लिग्नाइट, कोक, कोल गैस, सभी ओर (अयस्क) और कंसेंट्रेट, राशन का केरोसिन, रसोई गैस।

12 फीसदी जीएसटी रेट आइटम्स: नमकीन, भुजिया, बटर ऑयल, घी, मोबाइल फोन, ड्राई फ्रूट, फ्रूट और वेजिटेबल जूस, सोया मिल्क जूस और दूध युक्त ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन मीट-मछली, अगरबत्ती, कैंडल, आयुर्वेदिक-यूनानी-सिद्धा-होम्यो दवाएं, गॉज, बैंडेज, प्लास्टर, ऑर्थोपेडिक उपकरण, टूथ पाउडर, सिलाई मशीन और इसकी सुई, बायो गैस, एक्सरसाइज बुक, क्राफ्ट पेपर, पेपर बॉक्स, बच्चों की ड्रॉइंग और कलर बुक, प्रिंटेड कार्ड, चश्मे का लेंस, पेंसिल शार्पनर, छुरी, कॉयर मैट्रेस, एलईडी लाइट, किचन और टॉयलेट के सेरेमिक आइटम, स्टील, तांबे और एल्यूमीनियम के बर्तन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और पार्ट्स, खेल के सामान, खिलौने वाली साइकिल, कार और स्कूटर, आर्ट वर्क, मार्बल/ग्रेनाइट ब्लॉक, छाता, वाकिंग स्टिक, फ्लाईएश की ईंटें, कंघी, पेंसिल, क्रेयॉन।

18 फीसदी जीएसटी रेट आइटम्स: हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कॉर्न फ्लेक्स, पेस्ट्री, केक, जैम-जेली, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड, शुगर कन्फेक्शनरी, फूड मिक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स कंसेंट्रेट, डायबेटिक फूड, निकोटिन गम, मिनरल वॉटर, हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कॉयर मैट्रेस, कॉटन पिलो, रजिस्टर, अकाउंट बुक, नोटबुक, इरेजर, फाउंटेन पेन, नैपकिन, टिश्यू पेपर, टॉयलेट पेपर, कैमरा, स्पीकर, प्लास्टिक प्रोडक्ट, हेलमेट, कैन, पाइप, शीट, कीटनाशक, रिफ्रैक्टरी सीमेंट, बायोडीजल, प्लास्टिक के ट्यूब, पाइप और घरेलू सामान, सेरेमिक-पोर्सिलेन-चाइना से बनी घरेलू चीजें, कांच की बोतल-जार-बर्तन, स्टील के ट-बार-एंगल-ट्यूब-पाइप-नट-बोल्ट, एलपीजी स्टोव, इलेक्ट्रिक मोटर और जेनरेटर, ऑप्टिकल फाइबर, चश्मे का फ्रेम, गॉगल्स, विकलांगों की कार।

28 फीसदी जीएसटी रेट आइटम्स: कस्टर्ड पाउडर, इंस्टैंट कॉफी, चॉकलेट, परफ्यूम, शैंपू, ब्यूटी या मेकअप के सामान, डियोड्रेंट, हेयर डाइ/क्रीम, पाउडर, स्किन केयर प्रोडक्ट, सनस्क्रीन लोशन, मैनिक्योर/पैडीक्योर प्रोडक्ट, शेविंग क्रीम, रेजर, आफ्टरशेव, लिक्विड सोप, डिटरजेंट, एल्युमीनियम फ्वायल, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, डिश वाशर, इलेक्ट्रिक हीटर, इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट, प्रिंटर, फोटो कॉपी और फैक्स मशीन, लेदर प्रोडक्ट, विग, घड़ियां, वीडियो गेम कंसोल, सीमेंट, पेंट-वार्निश, पुट्टी, प्लाई बोर्ड, मार्बल/ग्रेनाइट (ब्लॉक नहीं), प्लास्टर, माइका, स्टील पाइप, टाइल्स और सेरामिक्स प्रोडक्ट, प्लास्टिक की फ्लोर कवरिंग और बाथ फिटिंग्स, कार-बस-ट्रक के ट्यूब-टायर, लैंप, लाइट फिटिंग्स, एल्युमिनियम के डोर-विंडो फ्रेम, इनसुलेटेड वायर-केबल।

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वित्त विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa/#respond Sun, 02 Apr 2017 04:35:35 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=2587 राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वित्त विधेयक 2017 को अपनी सहमति दे दी। इसके साथ ही दो लाख रुपये से अधिक नकद लेनदेन पर रोक और आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आधार नंबर का उल्लेख करने जैसे प्रावधान अमल में आ गये हैं। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, राष्ट्रपति ने असम के अपने आधिकारिक दौरे पर जाने से पहले वित्त विधेयक को अपनी संस्तुति दे दी। अधिया ने कहा कि इसके साथ ही वित्त विधेयक 01 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। यह पहली बार है कि कर के नये प्रावधानों के साथ पूरा बजट वित्तीय वर्ष की शुरुआत से […]

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वित्त विधेयक 2017 को अपनी सहमति दे दी। इसके साथ ही दो लाख रुपये से अधिक नकद लेनदेन पर रोक और आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आधार नंबर का उल्लेख करने जैसे प्रावधान अमल में आ गये हैं। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, राष्ट्रपति ने असम के अपने आधिकारिक दौरे पर जाने से पहले वित्त विधेयक को अपनी संस्तुति दे दी।

अधिया ने कहा कि इसके साथ ही वित्त विधेयक 01 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। यह पहली बार है कि कर के नये प्रावधानों के साथ पूरा बजट वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले प्रभाव में आ गया। इसके साथ ही 2017-18 के बजट में किये गये कई नये प्रावधान भी वित्त वर्ष की शुरुआत से ही अमल में आ गये हैं। इनमें जो एक महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है वह यह कि दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। अब दो लाख रुपये से अधिक नकद लेनदेन नहीं किया जा सकेगा। अब तक स्थायी खाता संख्या (पैन) के उल्लेख के साथ यह लेनदेन किया जा सकता था। अधिया ने कहा कि अब यदि दो लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन किया जाता है तो उसे उतना ही जुर्माना चुकाना होगा। यह जुर्माना नकद राशि प्राप्त करने वाले व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान को चुकाना होगा।

इसके साथ ही अब पैन के लिये आवेदन करते समय अथवा आयकर रिटर्न दाखिल करते हुये आधार नंबर का उल्लेख जरूरी कर दिया गया है। वित्त विधेयक में यह भी व्यवस्था दी गई है कि व्यक्ति को एक जुलाई 2017 की स्थिति के अनुसार सरकार को अपना आधार नंबर इस तरीके से बताना होगा कि सरकार उसे अधिसूचित कर सके। वर्ष 2017-18 के लिये आयकर दरों में भी बदलाव किया गया है। वित्त मंत्री ने एक अप्रैल 2017 से शुरू हुये चालू वित्त वर्ष के लिये व्यक्तिगत आयकर की दर ढाई लाख से पांच लाख रुपये की सालाना आय पर 10 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी। आम नौकरी पेशा और निम्न आय वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।

वित्त विधेयक 2017 में कंपनी अधिनियम-2013 में भी संशोधन किया गया है। इसमें कंपनियों द्वारा चुनाव कोष में केवल बैंक खाते में चेक के जरिये, बैंक ड्राफ्ट अथवा इलेक्ट्रानिक स्थानांतरण के जरिये ही दान दिया जा सकता है। इसमें यह भी बदलाव किया गया है कि कंपनियों को अपने नफा-नुकसान के लेखे जोखे में इस प्रकार के चुनाव कोष में दिये गये धन का उल्लेख करना होगा। वित्त मंत्री ने बजट में चुनाव-बान्ड का प्रस्ताव किया है। उनके इसी प्रस्ताव को अमली जामा पहनाते हुये वित्त विधेयक में संशोधन किये गये। कंपनियां राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिये बैंकों से इस प्रकार के चुनाव बान्ड खरीद सकतीं हैं जिसके लिये वह चेक से भुगतान करेंगी। ये बान्ड वह उस राजनीतिक दल को दे सकतीं हैं जिन्हें वह चंदा देना चाहते हैं। बाद में ये दल बान्ड को भुना सकते हैं। अधिया ने कहा कि चुनाव बान्ड के लिये नियम इसी महीने अधिसूचित कर दिये जायेंगे।

वित्त विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का यह भी अर्थ है कि अब करीब सात अपीलीय न्यायाधिकरणों को समाप्त कर दिया जायेगा और उनका काम मौजूदा अन्य न्यायाधिकरण संभालेंगे। इन न्यायाधिकरणों में प्रतिस्पर्धा अपीलीय न्यायाधिकरण भी है जिसे समाप्त कर दिया जायेगा और उसके काम को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण देखेगा। इसी प्रकार हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण, अपीलीय न्यायाधिकरण और साइबर अपीलीय न्यायाधिकरण का स्थान और उनका कामकाज दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायारिधकरण (टीडीसैट) देखेगा। कर्मचारी भविष्य निधि अपीलीय का काम अब औद्योगिक न्यायाधिकरण देखेगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल पहली बार अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को समाप्त करते हुये एक फरवरी को बजट पेश किया। अब तक फरवरी के आखिरी दिन बजट पेश किया जाता रहा और मई में बजट पारित करने की प्रक्रिया पूरी होती रही, लेकिन इस बार इसे 30 मार्च से पहले ही पूरा कर लिया गया।

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