अंतिम प्रवक्ता https://www.antimpravakta.com/ News Agency in Delhi Fri, 16 Sep 2022 12:39:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 बचपन व वर्तमान सुरक्षित तो देश का भविष्य सुरक्षित : योगी आदित्यनाथ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a4%a8-%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a4/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a4%a8-%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a4/#respond Fri, 16 Sep 2022 12:39:25 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4178 अंतिम प्रवक्ता, 16 सितंबर (लखनऊ)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारम्भ अवसर पर कहा कि बचपन व वर्तमान सुरक्षित है तो देश का भविष्य भी सुरक्षित है। धात्री महिलाओं, किशोरी कन्याओं व बच्चों को जोड़कर भारत के भविष्य को स्वस्थ व सक्षम बनाने में सभी योगदान दें। मां स्वस्थ होगी तो वर्तमान स्वस्थ रहेगा। कन्या, बालक सुपोषित होगा तो हमारा बचपन स्वस्थ व समाज-राष्ट्र सशक्त होगा। शिक्षा व स्वास्थ्य समाज की बुनियादी आवश्यकताएं हैं। आधारशिला यहीं से खड़ी हो सकती है। अच्छी व उत्तम शिक्षा बच्चे के सुनहरे भविष्य के साथ समाज व राष्ट्र की […]

The post बचपन व वर्तमान सुरक्षित तो देश का भविष्य सुरक्षित : योगी आदित्यनाथ appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 16 सितंबर (लखनऊ)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारम्भ अवसर पर कहा कि बचपन व वर्तमान सुरक्षित है तो देश का भविष्य भी सुरक्षित है। धात्री महिलाओं, किशोरी कन्याओं व बच्चों को जोड़कर भारत के भविष्य को स्वस्थ व सक्षम बनाने में सभी योगदान दें। मां स्वस्थ होगी तो वर्तमान स्वस्थ रहेगा। कन्या, बालक सुपोषित होगा तो हमारा बचपन स्वस्थ व समाज-राष्ट्र सशक्त होगा। शिक्षा व स्वास्थ्य समाज की बुनियादी आवश्यकताएं हैं। आधारशिला यहीं से खड़ी हो सकती है। अच्छी व उत्तम शिक्षा बच्चे के सुनहरे भविष्य के साथ समाज व राष्ट्र की नींव को मजबूत करने का आधार बनता है।

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी ने पांच वर्ष से पोषण माह को मिशन मोड पर लेकर बढ़ाया है। तकनीक से जुड़कर अधिक से अधिक लोगों तक शासन की इन योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि 60 हजार से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों को जोड़ा गया है। शराब बेचने वाले ईमानदारी से पोषाहार बेच रहे हैं। हर जिले में नए प्लांट लग रहे हैं। पोषाहार व फूड को समुचित तरीके से पहुंचाया जा रहा है। सबसे बड़ी आबादी का राज्य चुनौतियों के बावजूद सफलता की कहानी कह रहा है।

 सीएम ने कहा कि 1.70 करोड़ बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों से अपना भविष्य सुरक्षित करते हैं। सक्षम बचपन से सक्षम जवानी आए, देश को प्रतिभावान नौजवान मिलें तो उसकी नींव मजबूत करने की जिम्मेदारी आपकी है। आंगनबाड़ी बहनें बच्चों को रोचक तरीके से अक्षर व शब्द ज्ञान कराती हैं। बचपन को उद्धरण के माध्यम से रोचक जानकारी देते हैं तो बच्चों की नींव मजबूत होती है। उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए कहा कि कोविड के दौरान आंगनबाड़ी बहनों के प्रयासों की सभी ने सराहना की। मुख्यमंत्री ने विभाग की पुस्तिका हर आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचाने को कहा।

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर 501 आंगनबाड़ी केंद्रों का लोकार्पण व 199 केंद्रों का शिलान्यास किया। पोषण मैन्युअल सक्षमतथा विभाग की 5 वर्षों की उपलब्धियों की पुस्तिका सशक्त आंगनबाड़ीका विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सहयोगबाल पिटाराऐप लांच किया। साथ ही दुलारकार्यक्रम का शुभारंभ किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन केंद्रों का लोकार्पण/शिलान्यास कर संतुष्टि हो रही है। इस दौरान उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन व गर्भवती की गोदभराई भी की। बच्चों को दुलारा-पुचकारा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में हमारी सरकार बनी तो उस समय एक लाख 89 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से कई के पास खुद का भवन नहीं था। उन सभी को चिह्नित कर 21 हजार 700 केंद्रों के पक्के भवन बनाए गए। कोरोना में हमारी गति थोड़ी बाधित हुई अन्यथा सभी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में आगे बढ़ा लिए होते।

2017 में सीएम बनने के दौरान चुनौती थी कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में यूपी सबसे फिसड्डी होता था, पर पांच वर्ष के अथक परिश्रम की बदौलत एनीमिया में नेशनल एवरेज में यूपी की स्थिति सुधरी। खून की कमी से उबरने में उत्तर प्रदेश सफल हुआ। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक नियंत्रित करने में भी हमने सफलता पाई। इससे पता चलता है कि हम सही दिशा में प्रयास कर रहे और आगे बढ़ रहे हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने पोषण माह को राष्ट्रीय अभियान के रूप में लिया है। उनकी प्रेरणा व मार्गदर्शन में देश में पोषण माह मजबूती से बढ़ा है। उत्तर प्रदेश ने भी इसमें सफलता पाई है। सीएम ने कहा कि कई बार डाटा (परिणाम) अच्छे होने के बावजूद कार्यों को अपलोड न करने के कारण हम पिछड़ते हैं, इसलिए हर डाटा को अपलोड करें। जनपद व शासन स्तर पर मॉनीटरिंग होगी तो सारी जानकारी मिल जाएगी।

 मुख्यमंत्री योगी ने राज्यपाल का आभार जताया और कहा कि उन्होंने केंद्रों को गोद लेने की कार्रवाई को बढ़ाया। एक लाख 89 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को जनप्रतिनिधि, शासकीय, प्रशासनिक, पुलिस, शिक्षा विभाग के साथ समाज के समक्ष तबके को गोद दें। इन्हें गोद लेकर हम सभी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। बता दें कि अभी तक 9963 केंद्रों को गोद लिया जा चुका है।

The post बचपन व वर्तमान सुरक्षित तो देश का भविष्य सुरक्षित : योगी आदित्यनाथ appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a4%a8-%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a4/feed/ 0
स्वभाषा के विकास तथा देश को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प लें : अमित शाह https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95/#respond Thu, 15 Sep 2022 12:11:49 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4175 अंतिम प्रवक्ता 14 सितम्बर (नई दिल्ली)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देशवासियों को अमृत काल में किसी भी तरह की भाषाई लघुता ग्रंथि से मुक्त होकर स्वभाषा का विकास करने और देश को दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। श्री शाह ने सूरत में हिंदी दिवस समारोह एवं द्वितीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी राजभाषा और स्थानीय भाषाएं विश्व की सबसे समृद्ध भाषाओं में शामिल हैं और जब तक हम इस बात का संकल्प नहीं करते कि हमारा शासन, प्रशासन, ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान हमारी भाषाओं […]

The post स्वभाषा के विकास तथा देश को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प लें : अमित शाह appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता 14 सितम्बर (नई दिल्ली)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देशवासियों को अमृत काल में किसी भी तरह की भाषाई लघुता ग्रंथि से मुक्त होकर स्वभाषा का विकास करने और देश को दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। श्री शाह ने सूरत में हिंदी दिवस समारोह एवं द्वितीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी राजभाषा और स्थानीय भाषाएं विश्व की सबसे समृद्ध भाषाओं में शामिल हैं और जब तक हम इस बात का संकल्प नहीं करते कि हमारा शासन, प्रशासन, ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान हमारी भाषाओं और राजभाषा में हो तब तक हम इस देश की क्षमताओं का उपयोग नहीं कर सकते।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सूरत वीर नर्मद की भूमि है और शायद उन्होंने ही देश में सबसे पहले अपनी भाषाओं के महत्व को उजागर किया था। वीर नर्मद ने ही सबसे पहले गुजराती लोगों को गर्वी गुजरात का स्वप्न दिया और सबसे पहले अंग्रेज़ों से कहा था कि इस देश का शासन और व्यवहार हिन्दी में चलना चाहिए। शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि राजभाषा हिन्दी के बिना ये राष्ट्र गूंगा है। हमारी राजभाषा के गौरव को महात्मा गांधी ने एक ही वाक्य से पूरे विश्व के सामने रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारे मन, राष्ट्रप्रेम और जन जन की भाषा है और हमें इसे आगे बढ़ाना है।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश में स्वभाषा में शिक्षा का बीज बोया है और देश जब आजादी की शताब्दी मनाएगा तब यह बीज वटवृक्ष बनकर देश की सभी भाषाओं को पल्लवित कर भारत को भाषा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम करेगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सबसे ज़्यादा ज़ोर इस बात पर दिया गया है कि प्राथमिक और उससे आगे की शिक्षा स्वभाषा में और अनुसंधान, कोर्ट, मेडिकल, विज्ञान, तकनीक और इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम स्वभाषा में रुपांतरित हों।

शाह ने कहा कि स्थानीय भाषाएं और हिन्दी हमारी सांस्कृतिक धाराप्रवाह का प्राण है। हमारी संस्कृति, इतिहास और अनेक पीढ़ियों द्वारा किए गए साहित्य सृजन की आत्मा को समझने के लिए राजभाषा को सीखना ही होगा। उन्होने कहा कि राजभाषा और स्थानीय भाषाओं द्वारा मिलकर पूरे देश में से भाषाई लघुता की भावना को उखाड़कर फेंकने का समय आ गया है। उन्होंने युवाओं से कहा, “भाषा क्षमता की परिचायक नहीं है बल्कि भाषा अभिव्यक्ति है। आपकी क्षमता का परिचय किसी भाषा का मोहताज नहीं है और देश के युवाओं को भाषा की इस लघुता ग्रंथि से निकलकर अपनी स्वभाषा को स्वीकार कर इसे आगे ले जाने का काम करना चाहिए। जब तक देश का युवा अपनी क्षमताओं के आधार पर अपनी भाषा में मौलिक चिंतन की अभिव्यक्ति नहीं करेगा, वो कभी भी अपनी क्षमताओं को पूर्णतया समाज के सामने नहीं रख सकता क्योंकि मौलिक चिंतन की अभिव्यक्ति स्वभाषा से अच्छी किसी भी अन्य भाषा में नहीं हो सकती।”

गृह मंत्री ने अभिभावकों का आह्वान किया कि वह घर में बच्चों से अपनी भाषा में बातचीत करें। एक बार बच्चों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए अपनी भाषा जरूर सिखाएँ क्योंकि जब तक बच्चा स्वभाषा नहीं सीखता है तब तक वह देश की संस्कृति से नहीं जुड़ सकता, देश के इतिहास को नहीं समझ सकता और देश से नहीं जुड़ सकता। शाह ने कहा कि आज यहां एक हिंदी से हिंदी वृहद शब्दकोश ‘हिंदी शब्द सिंधु’ के पहले संस्करण का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदी को अगर लोकभोग्य, देश और दुनिया में स्वीकृत बनाना है तो हिंदी के शब्दकोश को वृह्द बनाना पड़ेगा।

शाह ने स्थानीय भाषाओं के शब्दकोश बनाने वालों से निवेदन करते हुए कहा, “अगर हम चाहते हैं कि अदालत और कानून की भाषा गुजराती, मराठी, बांग्ला या कोई अन्य स्थानीय भाषा हो तो इनके कुछ शब्दों को स्वीकार कर हमें इसे वृह्द बनाना पड़ेगा।”

The post स्वभाषा के विकास तथा देश को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प लें : अमित शाह appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95/feed/ 0
सरकार देश में मजबूत लॉजिस्टिक तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध: राजनाथ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8/#respond Mon, 12 Sep 2022 11:55:07 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4171 अंतिम प्रवक्ता, 12 सितंबर (नई दिल्ली)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में लॉजिस्टिक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि सरकार सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए देश में आत्मनिर्भर तथा मजबूत लॉजिस्टिक प्रणाली बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। राजनाथ सिंह ने सेना द्वारा आयोजित पहले लॉजिस्टिक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ मजबूत लॉजिस्टिक तंत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण जरूरत है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में ही लॉजिस्टिक और आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन की भूमिका […]

The post सरकार देश में मजबूत लॉजिस्टिक तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध: राजनाथ appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 12 सितंबर (नई दिल्ली)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में लॉजिस्टिक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि सरकार सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए देश में आत्मनिर्भर तथा मजबूत लॉजिस्टिक प्रणाली बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

राजनाथ सिंह ने सेना द्वारा आयोजित पहले लॉजिस्टिक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ मजबूत लॉजिस्टिक तंत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण जरूरत है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में ही लॉजिस्टिक और आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन की भूमिका को किसी भी तरीके से नजरंदाज नहीं किया जा सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘भारत दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भविष्य में चाहे रणक्षेत्र हो अथवा सिविल सेक्टर, लॉजिस्टिक तंत्र का महत्व बढने वाला ही है।”

उन्होंने कहा, ‘‘किसी देश की अर्थव्यवस्था को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक मजबूत, सुरक्षित और त्वरित लॉजिस्टिक आपूर्ति प्रणाली महत्त्वपूर्ण आवश्यकता होती है। डिफ़ेन्स सेक्टर में भी लॉजिस्टिक की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। पिछले तीन वर्षों में रक्षा मंत्रालय में जो नीतिगत परिवर्तन हुए हैं, उसमें तीनों सेनाओं के बीच एकीकरण एक प्रमुख आयाम है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि सेनाओं में भी साझा लॉजिस्टिक की जरूरत होती है। इससे एक सेना दूसरी सेना के संसाधनों का निर्बाध और तेजी गति से इस्तेमाल कर सकती है। तीनों सेनाओं के प्रशिक्षण में भी एकीकरण की जरूरत पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि तीनों सेनाओं के बीच संसाधनों का आदान प्रदान हो जिससे कि संसाधनों का सर्वोत्तम इस्तेमाल किया जा सके। सैन्य मामलों के विभाग के गठन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से सेनाओं के एकीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है और इससे लॉजिस्टिक क्षेत्र को बहुत अधिक फायदा होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य की लड़ाइयों में लॉजिस्टिक के लिए न केवल सेनाओं के बीच एकीकरण की आवश्यकता होगी, बल्कि औद्योगिक बैक अप, अनुसंधन और विकास, मेटिरियल स्पोर्ट, इंडस्ट्री और जन शक्ति के रूप में देश की समस्त संस्थाओं के बीच एकीकरण की आवश्यकता होगी।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश में लाजिस्टिक तंत्र को एकीकृत करने, और ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए, अनेक महत्वपूर्ण नीतियां तैयार की हैं। इसमें राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति, पीएम गतिशक्ति प्लेटफार्म, एवं अन्य प्रयासों से ढांचागत विककास पर ज़ोर देना शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अलावा भी, सरकार ने लॉजिस्टिक और ढांचागत सुविधाओं का महत्त्व समझते हुए, इस दिशा में तेज़ी से कदम आगे बढ़ाया है।

The post सरकार देश में मजबूत लॉजिस्टिक तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध: राजनाथ appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8/feed/ 0
डेयरी क्षेत्र की रीढ़ हैं महिलाएं और छोटे किसान : प्रधानमंत्री मोदी https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/#respond Mon, 12 Sep 2022 11:48:37 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4166 अंतिम प्रवक्ता, 12 सितंबर (ग्रेटर नोएडा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं और छोटे किसानों को भारत के डेयरी क्षेत्र की रीढ़ करार देते हुए कहा कि इनकी बदौलत भारत दुनिया में डेयरी उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत की डेयरी सहकारी समितियों का अध्ययन, डेयरी क्षेत्र में विकसित डिजिटल भुगतान प्रणाली आदि कई देशों के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ विश्व डेयरी सम्मेलन (आईडीएफ डब्ल्यूडीएस) 2022 के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 15 सितंबर तक चलने […]

The post डेयरी क्षेत्र की रीढ़ हैं महिलाएं और छोटे किसान : प्रधानमंत्री मोदी appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 12 सितंबर (ग्रेटर नोएडा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं और छोटे किसानों को भारत के डेयरी क्षेत्र की रीढ़ करार देते हुए कहा कि इनकी बदौलत भारत दुनिया में डेयरी उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत की डेयरी सहकारी समितियों का अध्ययन, डेयरी क्षेत्र में विकसित डिजिटल भुगतान प्रणाली आदि कई देशों के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ विश्व डेयरी सम्मेलन (आईडीएफ डब्ल्यूडीएस) 2022 के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 15 सितंबर तक चलने वाला यह सम्मेलन ‘पोषण और आजीविका के लिए डेयरी’ विषय पर केंद्रित है। इसमें 50 देशों के करीब 1500 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही दुनिया भर में करोड़ों लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत भी है। उन्होंने छोटे किसानों को भारत में डेयरी क्षेत्र की प्रेरक शक्ति करार देते हुए कहा कि आज डेयरी क्षेत्र से 8 करोड़ परिवारों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे पैमाने के डेयरी किसानों के सामूहिक प्रयासों से भारत दुनिया में डेयरी उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल क्रांति के कारण डेयरी क्षेत्र में प्रगति हुई है। भारत की डेयरी सहकारी समितियों का अध्ययन, डेयरी क्षेत्र में विकसित डिजिटल भुगतान प्रणाली आदि कई देशों के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुनिया के कई आर्थिक रूप से कमजोर देशों के किसानों के लिए बिजनेस मॉडल बन सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र का सामर्थ्य ना सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देता है बल्कि ये दुनिया भर में करोड़ों लोगों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि विश्व के अन्य विकसित देशों से अलग, भारत में डेयरी सेक्टर की असली ताकत छोटे किसान हैं। भारत के डेयरी सेक्टर की पहचान बड़े पैमाने पर उत्पादन से ज्यादा जनता द्वारा उत्पादन की है।

उन्होंने कहा कि आज भारत में डेयरी सहकारी का एक ऐसा विशाल नेटवर्क है जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है। ये डेयरी कॉपरेटिव्स देश के दो लाख से ज्यादा गांवों में, करीब-करीब दो करोड़ किसानों से दिन में दो बार दूध जमा करती हैं और उसे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। इस पूरी प्रकिया में बीच में कोई मिडिल मैन नहीं होता, और ग्राहकों से जो पैसा मिलता है, उसका 70 प्रतिशत से ज्यादा किसानों की जेब में ही जाता है। पूरे विश्व में इतना ज्यादा अनुपात किसी और देश में नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के डेयरी क्षेत्र में महिलाएं 70 प्रतिशत कार्यबल का प्रतिनिधित्व करती हैं। भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार महिलाएं हैं। इतना ही नहीं, भारत के सहकारी समितियों की एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएं ही हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से हमारी सरकार ने भारत के डेयरी सेक्टर के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए निरंतर काम किया है। आज इसका परिणाम दूध उत्पादन से लेकर किसानों की बढ़ी आय में भी नजर आ रहा है। 2014 में भारत में 146 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता था। अब ये बढ़कर 210 मिलियन टन तक पहुंच गया यानि करीब-करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के डेयरी क्षेत्र की एक और विशिष्टता हमारी स्वदेशी प्रजाति है। भारत में गायों और भैंसों की देशी नस्ल भारत के डेयरी क्षेत्र की एक और बड़ी ताकत है। वे सबसे कठिन मौसम में जीवित रहने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार कर रहा है। डेयरी क्षेत्र से जुड़े हर जानवर को टैग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक टेक्नोल़ॉजी की मदद से हम पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान कर रहे हैं। इसे ‘पशु आधार’ नाम दिया है। खेती में मोनोकल्चर ही समाधान नहीं है, बल्कि विविधता बहुत आवश्यकता है। ये पशुपालन पर भी लागू होता है। इसलिए आज भारत में देसी नस्लों और हाइब्रिड नस्लों, दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में हम पशुओं के यूनिवर्सल वैक्सीनेशन पर भी बल दे रहे हैं। हमने संकल्प लिया है कि 2025 तक हम शत प्रतिशत पशुओं को फुट एंड माउथ डिजीज़ और ब्रुसलॉसिस की वैक्सीन लगाएंगे। हम इस दशक के अंत तक इन बीमारियों से पूरी तरह से मुक्ति का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में भारत के अनेक राज्यों में लम्पी नाम की बीमारी से पशुधन की क्षति हुई है। विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र सरकार इसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। हमारे वैज्ञानिकों ने लम्पी त्वचा रोग की स्वदेशी वैक्सीन भी तैयार कर ली है।

The post डेयरी क्षेत्र की रीढ़ हैं महिलाएं और छोटे किसान : प्रधानमंत्री मोदी appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/feed/ 0
ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई को हरी झंडी, हिंदू पक्ष के हक में कोर्ट का फैसला https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%80/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%80/#respond Mon, 12 Sep 2022 11:39:08 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4163 अंतिम प्रवक्ता, 12 सितंबर (वाराणसी)। ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण में पांच महिलाओं की ओर से दाखिल वाद पर जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने वादी पक्ष की अपील स्वीकार करके प्रतिवादी पक्ष की याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला सुनने योग्य है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। खास बात यह रही कि न्यायालय में फैसले के दौरान मुस्लिम पक्ष मौजूद नहीं रहा। अदालत का फैसला आते ही वादी पक्ष की महिलाओं के साथ अधिवक्ताओं ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे हिन्दू पक्ष की जीत माना […]

The post ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई को हरी झंडी, हिंदू पक्ष के हक में कोर्ट का फैसला appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 12 सितंबर (वाराणसी)। ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण में पांच महिलाओं की ओर से दाखिल वाद पर जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने वादी पक्ष की अपील स्वीकार करके प्रतिवादी पक्ष की याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला सुनने योग्य है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।

खास बात यह रही कि न्यायालय में फैसले के दौरान मुस्लिम पक्ष मौजूद नहीं रहा। अदालत का फैसला आते ही वादी पक्ष की महिलाओं के साथ अधिवक्ताओं ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे हिन्दू पक्ष की जीत माना है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि न्यायालय से एएसआई सर्वे और शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग भी करेंगे।

इसके पहले आज अपरान्ह एक बजे दोनों पक्षों के अधिवक्ता और वादी कुल 62 लोगों को अंदर मौजूद रहने की अनुमति मिली थी। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने वाद को जनहित याचिका जैसा व प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट ज्ञानवापी को वक्फ संपत्ति समेत अन्य दलीलों के साथ मुकदमे को सुनने योग्य नहीं बताया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में आर्डर 7 रूल नंबर 11 के तहत आज वाद के पोषणीयता पर सुनवाई हुई।

पिछले वर्ष सिविल जज सीनियर डिविजन की कोर्ट में शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन की मांग को लेकर वादी राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने वाद दाखिल किया था। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने प्रार्थनापत्र देकर वाद की पोषणीयता पर सवाल उठाया था। अदालत ने प्रतिवादी की अर्जी दरकिनार करते हुए सुनवाई की और ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराकर रिपोर्ट तलब कर ली। इसी दौरान प्रतिवादी पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिला जज की अदालत में 26 मई से सुनवाई शुरू हुई।

प्रतिवादी की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 07 नियम 11 में मेरिट के तहत केस खारिज करके लिए कई तिथियों पर दलीलें दी गईं। इस मामले में वाराणसी कोर्ट में 24 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई थी। जिला जज डॉ. एके विश्वेश ने 12 सितंबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान वादी पक्ष की ओर से लिखित बहस भी दाखिल की गई और मुस्लिम पक्ष ने कई विवरण व पत्रावली कोर्ट में दिया। खास बात यह है कि पूर्व में हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष की ओर से केस की मेरिट की याचिका खारिज हो चुकी है।

The post ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई को हरी झंडी, हिंदू पक्ष के हक में कोर्ट का फैसला appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%80/feed/ 0
जय विज्ञान जय अनुसंधान’ का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है नया भारत : मोदी https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95/#respond Sat, 10 Sep 2022 09:00:11 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4160 अंतिम प्रवक्ता, 10 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अहमदाबाद में साइंस सिटी में आयोजित दो दिवसीय केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।  मोदी ने इस अवसर पर सभा को भी संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के भारत के विकास में विज्ञान उस ऊर्जा की तरह है जिसमें हर क्षेत्र के विकास को हर राज्य के विकास को गति देने का सामर्थ्य है। आज जब भारत चौथी […]

The post जय विज्ञान जय अनुसंधान’ का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है नया भारत : मोदी appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 10 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अहमदाबाद में साइंस सिटी में आयोजित दो दिवसीय केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।

 मोदी ने इस अवसर पर सभा को भी संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के भारत के विकास में विज्ञान उस ऊर्जा की तरह है जिसमें हर क्षेत्र के विकास को हर राज्य के विकास को गति देने का सामर्थ्य है। आज जब भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की तरफ बढ़ रहा है तो उसमें भारत की साइंस और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका बहुत अहम है। समाधान का, सॉल्यूशन का, इवोलूशन का और इनोवेशन का आधार विज्ञान ही है। इसी प्रेरणा से आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।

 उन्होंने कहा कि अगर हम पिछली शताब्दी के शुरुआती दशकों को याद करें तो पाते हैं कि दुनिया में किस तरह तबाही और त्रासदी का दौर चल रहा था। लेकिन उस दौर में भी बात चाहे ईस्ट की हो या वेस्ट की हर जगह के साइंटिस्ट अपनी महान खोज में लगे हुए थे। पश्चिम में आइन्स्टाइन, फर्मी, मैक्स प्लांक, नील्स बोर, टेस्ला जैसे साइंटिस्ट अपने प्रयोगों से दुनिया को चौंका रहे थे। उसी दौर में सी वी रमन, जगदीश चंद्र बोस, सत्येंद्रनाथ बोस, मेघनाद साहा, एस चंद्रशेखर समेत कई वैज्ञानिक अपनी नई-नई खोज सामने ला रहे थे।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम अपने वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को सेलिब्रेट करते हैं तो साइंस हमारे समाज का हिस्सा बन जाती है वो पार्ट ऑफ कल्चर बन जाती है। इसलिए आज सबसे पहला आग्रह मेरा यही है कि हम अपने देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को जमकर सेलिब्रेट करें। हमारी सरकार साइंस बेस्ड डेवलपमेंट की सोच के साथ काम कर रही है। 2014 के बाद से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट में काफी वृद्धि की गई है। सरकार के प्रयासों से आज भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 46वें स्थान पर है जबकि 2015 में भारत 81 नंबर पर था।

 उन्होंने कहा कि इस अमृतकाल में भारत को रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए हमें एक साथ अनेक मोर्चों पर काम करना है। अपनी साइंस और टेक्नॉलॉजी से जुड़ी रिसर्च को हमें लोकल स्तर पर लेकर जाना है। इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकारों को ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक संस्थानों के निर्माण पर और प्रक्रियाओं को सरल करने पर बल देना चाहिए। राज्यों में जो उच्च शिक्षा के संस्थान हैं उनमें इनोवेशन लैब्स की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए। राज्यों में राष्ट्रीय स्तर के अनेक वैज्ञानिक संस्थान होते हैं, नेशनल लेबोरेटरीज भी होती हैं। इनके सामर्थ्य का लाभ, इनकी एक्सपर्टाइज का पूरा लाभ भी राज्यों को उठाना चाहिए। हमें अपने साइंस से जुड़े संस्थानों को सिलोस की स्थिति से भी बाहर निकालना होगा।

The post जय विज्ञान जय अनुसंधान’ का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है नया भारत : मोदी appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95/feed/ 0
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया राष्ट्रपति ने https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4/#respond Fri, 09 Sep 2022 12:48:03 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4156 अंतिम प्रवक्ता, 09 सितंबर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का ऑनलाइन शुभारंभ करते हुए कहा कि देश से क्षयरोग का उन्मूलन करने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। श्रीमती मुर्मू ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान‘ को उच्च प्राथमिकता देना और इस अभियान को जन आंदोलन बनाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि टीबी भारत में अन्य सभी संक्रामक रोगों में सबसे अधिक मौतों का कारण बनती है। भारत में दुनिया की आबादी का 20 प्रतिशत से थोड़ा कम है, लेकिन दुनिया के कुल टीबी रोगियों […]

The post प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया राष्ट्रपति ने appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 09 सितंबर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का ऑनलाइन शुभारंभ करते हुए कहा कि देश से क्षयरोग का उन्मूलन करने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।

श्रीमती मुर्मू ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियानको उच्च प्राथमिकता देना और इस अभियान को जन आंदोलन बनाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि टीबी भारत में अन्य सभी संक्रामक रोगों में सबसे अधिक मौतों का कारण बनती है। भारत में दुनिया की आबादी का 20 प्रतिशत से थोड़ा कम है, लेकिन दुनिया के कुल टीबी रोगियों का 25 प्रतिशत से अधिक है। यही चिंता की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि टीबी से प्रभावित ज्यादातर लोग समाज के गरीब वर्ग से आते हैं।

उन्हाने कहा कि न्यू इंडियाकी सोच और कार्यप्रणाली भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाना है। विश्वास के साथ आगे बढ़ने की न्यू इंडियाकी नीति टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में भी दिखाई दे रही है। संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुसार, सभी राष्ट्रों ने वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

श्रीमती मुर्मू ने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता पैदा करनी होगी। इस बीमारी से बचाव संभव है। इसका इलाज प्रभावी और सुलभ है और सरकार इस बीमारी की रोकथाम और इलाज के लिए नि:शुल्क सुविधा मुहैया कराती है। उसने कहा कि कुछ रोगियों या समुदायों में, इस बीमारी से जुड़ी एक हीन भावना है, और वे इस बीमारी को एक कलंक के रूप में देखते हैं। इस भ्रम को भी मिटाना है। सभी को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि टीबी के कीटाणु अक्सर सबके शरीर में मौजूद होते हैं। जब किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी कारणवश कम हो जाती है तो यह रोग व्यक्ति में प्रकट होता है। इलाज से निश्चित तौर पर इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचायी जानी चाहिए।

कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार, कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों और उपराज्यपालों, राज्य और जिला स्वास्थ्य के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

The post प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया राष्ट्रपति ने appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4/feed/ 0
गैरकानूनी एप को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा : सीतारमण https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88/#respond Fri, 09 Sep 2022 12:40:45 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4152 अंतिम प्रवक्ता, 09 सितंबर । कोको लोन, जोजो लोन और ऐसे अन्य एप पर आधारित ऋण सेवा देने वाले मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों से चिंतित सरकार ने इनके खिलाफ कार्रवाई की एक व्यापक योजना बनाने का फैसला किया है। इसके तहत गड़बड़ी करने वाले ऐप को एपस्टोर से बाहर करने की कार्रवाई की जायेगी। एप आधारित ऋण कारोबार में गड़बड़ी करने वाले ज्यादातर एप का संपर्क चीन के लोगों से है।  वित्त निर्मला सीतारमण ने ऐसे मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के […]

The post गैरकानूनी एप को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा : सीतारमण appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 09 सितंबर । कोको लोन, जोजो लोन और ऐसे अन्य एप पर आधारित ऋण सेवा देने वाले मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों से चिंतित सरकार ने इनके खिलाफ कार्रवाई की एक व्यापक योजना बनाने का फैसला किया है। इसके तहत गड़बड़ी करने वाले ऐप को एपस्टोर से बाहर करने की कार्रवाई की जायेगी। एप आधारित ऋण कारोबार में गड़बड़ी करने वाले ज्यादातर एप का संपर्क चीन के लोगों से है।

 वित्त निर्मला सीतारमण ने ऐसे मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यहां उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने इस तरह के गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की गयी जिनमें खासकर निम्न आय वर्ग के लोगों को अत्यधिक ऊंची दरों पर कर्ज दिये जाते हैं और ग्राहक पर ऐसे खर्च डाल दिये जाते हैं जिनकी जानकारी ग्राहक से छिपाई गयी होती है। बड़ी संख्या में शिकायतें हैं कि ये मंच वसूली में भयादोहन और धौंस पट्टी जैसे गैरकानूनी हथकंडे अपनाते हैं।

 वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार वित्त मंत्री ने इस संभावना का भी उल्लेख किया कि इस काम में धनशोधन, कर चोरी, व्यक्तिगत डाटा की निजता का उल्लंघन और इन मंचों का ऐसे दूसरे कामों में दुरुपयोग होने की भी आशंका है। चर्चा में यह फैसला किया गया कि कानूनी रूप से कारोबार करने वाले ऋण एप की रिजर्व बैंक एक ‘स्वच्छ सूची’ तैयार करेगा और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि एप स्टोर पर केवल इस स्वच्छ सूची के एप ही रखे जाएं।

 बयान के अनुसार रिजर्व बैंक इन गैरकानूनी ऋण एप के साथ फर्जीवाडे के लिए जोड़े गये खातों की भी निगरानी करेगा और देखेगा कि कहीं उनका उपयोग मनीलॉड्रिंग के लिए नहीं हो रहा है। रिजर्व बैंक की सुप्त गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की समीक्षा भी करेगा और उनका लाइसेंस रद्द करेगा ताकि उनका दुरुपयोग न हो सके। रिजर्व बैँक यह सुनिश्चित करेगा कि कोई गैर पंजीकृत भुगतान एग्रीगेटर प्लेटफार्म परिचालन न कर सके, भुगान एग्रीगेटर के लिए पंजीकृत प्रक्रिया का सुव्यवस्थित और समयबद्ध किया जायेगा।

 इसी तरह कारपोरेट मामलों का मंत्रालय खोखा कंपनियों के जरिए गड़बड़ी रोकने के लिए उनकी पहचान और उनके पंजीकरण रद्द करने का काम करेगा। इस बैठक में यह भी फैसला किया गया कि ग्राहकों, बैंक कमिर्यों, सरकारी प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य संधंतित पक्षों को ऑन लाइन प्रणाली से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरुक किया जाए। गैर कानूनी ऋण ऐप पर पाबंदी के लिए हर मंत्रालय और एजेंसी का सहयोग लेने का फैलसा किया गया है।

The post गैरकानूनी एप को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा : सीतारमण appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88/feed/ 0
प्रधानमंत्री ने ‘कर्तव्य पथ’ का किया उद्घाटन https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/#respond Fri, 09 Sep 2022 05:25:13 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4148 अंतिम प्रवक्ता, 08 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया गेट पर ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट से निर्मित 28 फुट की प्रतिमा का अनावरण भी किया। प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट पर कर्तव्य पथ के पुनर्विकास से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इससे पहले उन्होंने सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास कार्य में शामिल श्रमजीवियों से बातचीत की। मोदी ने कहा कि वह 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के लिए सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास परियोजना पर काम करने वाले सभी लोगों को आमंत्रित करेंगे।  सरकार के अनुसार सत्ता के प्रतीक राजपथ […]

The post प्रधानमंत्री ने ‘कर्तव्य पथ’ का किया उद्घाटन appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 08 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया गेट पर ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट से निर्मित 28 फुट की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट पर कर्तव्य पथ के पुनर्विकास से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इससे पहले उन्होंने सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास कार्य में शामिल श्रमजीवियों से बातचीत की। मोदी ने कहा कि वह 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के लिए सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास परियोजना पर काम करने वाले सभी लोगों को आमंत्रित करेंगे।

 सरकार के अनुसार सत्ता के प्रतीक राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना जन प्रभुत्व और सशक्तिकरण का एक उदाहरण है। यह कदम प्रधानमंत्री के ‘पंच प्राण’ में से एक की तर्ज पर है यानी ‘औपनिवेशिक मानसिकता का कोई भी निशान मिटाएं।’

 सरकार के अनुसार वर्षों से, राजपथ (अब कर्तव्यपथ) और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के आसपास के इलाकों में आगंतुकों की बढ़ती भीड़ का दबाव देखा जा रहा था, जिससे इसके बुनियादी ढांचे पर दबाव पड़ रहा था। इसमें सार्वजनिक शौचालय, पीने के पानी, स्ट्रीट फर्नीचर और पार्किंग स्थल की पर्याप्त व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। इसके अलावा, मार्गों के पास अपर्याप्त बोर्ड, पानी की खराब सुविधाएं और बेतरतीब पार्किंग थी। साथ ही, गणतंत्र दिवस परेड और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान कम गड़बड़ी और जनता की आवाजाही पर कम से कम प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता महसूस की गई। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्विकास किया गया जबकि वास्तु शिल्प का चरित्र बनाये रखने और अखंडता भी सुनिश्चित की।

कर्तव्य पथ बेहतर सार्वजनिक स्थानों और सुविधाओं को प्रदर्शित करेगा, जिसमें पैदल रास्ते के साथ लॉन, हरे भरे स्थान, नवीनीकृत नहरें, मार्गों के पास लगे बेहतर बोर्ड, नई सुख-सुविधाओं वाले ब्लॉक और बिक्री स्टॉल होंगे। इसके अलावा इसमें पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास, बेहतर पार्किंग स्थल, नए प्रदर्शनी पैनल और रात्रि के समय जलने वाली आधुनिक लाइटों से लोगों को बेहतर अनुभव होगा। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, भारी वर्षा के कारण एकत्र जल का प्रबंधन, उपयोग किए गए पानी का पुनर्चक्रण, वर्षा जल संचयन और ऊर्जा कुशल प्रकाश व्यवस्था जैसी अनेक दीर्घकालिक सुविधाएँ शामिल हैं।

The post प्रधानमंत्री ने ‘कर्तव्य पथ’ का किया उद्घाटन appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/feed/ 0
तकनीक को अपनाना ठीक पर किताबें पढ़ने की आदत छोड़ना सही नहीं : प्रधानमंत्री https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a0%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a0%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4/#respond Fri, 09 Sep 2022 05:18:02 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4142 अंतिम प्रवक्ता, 08 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर जानकारी हासिल करना अपनी जगह ठीक है लेकिन उसके लिए किताबों के अध्ययन की आदत छोड़ देना सही नहीं है। प्रधानमंत्री अहमदाबाद में नवभारत साहित्य मंदिर द्वारा आयोजित ‘कलाम नो कार्निवल’ पुस्तक मेले के उद्घाटन समारोह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।  प्रधानमंत्री ने कहा कि जानकारी हमारे दिमाग में होने से हम उसका गहराई से विश्लेषण करते हैं। इससे सोच के नए आयाम बनते हैं। इससे ही नए शोध और नवाचार का रास्ता खुलता है। इसमें किताबें हमारी सबसे अच्छी […]

The post तकनीक को अपनाना ठीक पर किताबें पढ़ने की आदत छोड़ना सही नहीं : प्रधानमंत्री appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
अंतिम प्रवक्ता, 08 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर जानकारी हासिल करना अपनी जगह ठीक है लेकिन उसके लिए किताबों के अध्ययन की आदत छोड़ देना सही नहीं है। प्रधानमंत्री अहमदाबाद में नवभारत साहित्य मंदिर द्वारा आयोजित ‘कलाम नो कार्निवल’ पुस्तक मेले के उद्घाटन समारोह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि जानकारी हमारे दिमाग में होने से हम उसका गहराई से विश्लेषण करते हैं। इससे सोच के नए आयाम बनते हैं। इससे ही नए शोध और नवाचार का रास्ता खुलता है। इसमें किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त बनती हैं। उन्होंने कहा, आज इंटरनेट के जमाने में ये सोच हावी होती जा रही है कि जब जरूरत होगी तो इंटरनेट की मदद ले लेंगे। तकनीक हमारे लिए निःसन्देह जानकारी का एक महत्वपूर्ण जरिया है लेकिन वो किताबों को, किताबों के अध्ययन को रिप्लेस करने का तरीका नहीं है।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि पुस्तक और ग्रंथ दोनों हमारी विद्या उपासना के मूल तत्व हैं। गुजरात में पुस्तकालयों की तो बहुत पुरानी परंपरा रही है। मोदी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने ‘वांचे गुजरात’ अभियान शुरू किया था। आज ‘कलम नो कार्निवल’ जैसे अभियान गुजरात के उस संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष ये पुस्तक मेला एक ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। अमृत महोत्सव का एक आयाम ये भी है कि हम हमारी आजादी की लड़ाई के इतिहास को कैसे पुनर्जीवित करें।

The post तकनीक को अपनाना ठीक पर किताबें पढ़ने की आदत छोड़ना सही नहीं : प्रधानमंत्री appeared first on अंतिम प्रवक्ता.

]]>
https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a0%e0%a5%80%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4/feed/ 0