Business Archives - अंतिम प्रवक्ता https://www.antimpravakta.com/category/business/ News Agency in Delhi Fri, 09 Sep 2022 12:40:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 गैरकानूनी एप को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा : सीतारमण https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88/#respond Fri, 09 Sep 2022 12:40:45 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4152 अंतिम प्रवक्ता, 09 सितंबर । कोको लोन, जोजो लोन और ऐसे अन्य एप पर आधारित ऋण सेवा देने वाले मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों से चिंतित सरकार ने इनके खिलाफ कार्रवाई की एक व्यापक योजना बनाने का फैसला किया है। इसके तहत गड़बड़ी करने वाले ऐप को एपस्टोर से बाहर करने की कार्रवाई की जायेगी। एप आधारित ऋण कारोबार में गड़बड़ी करने वाले ज्यादातर एप का संपर्क चीन के लोगों से है।  वित्त निर्मला सीतारमण ने ऐसे मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के […]

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अंतिम प्रवक्ता, 09 सितंबर । कोको लोन, जोजो लोन और ऐसे अन्य एप पर आधारित ऋण सेवा देने वाले मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों से चिंतित सरकार ने इनके खिलाफ कार्रवाई की एक व्यापक योजना बनाने का फैसला किया है। इसके तहत गड़बड़ी करने वाले ऐप को एपस्टोर से बाहर करने की कार्रवाई की जायेगी। एप आधारित ऋण कारोबार में गड़बड़ी करने वाले ज्यादातर एप का संपर्क चीन के लोगों से है।

 वित्त निर्मला सीतारमण ने ऐसे मंचों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यहां उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने इस तरह के गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की गयी जिनमें खासकर निम्न आय वर्ग के लोगों को अत्यधिक ऊंची दरों पर कर्ज दिये जाते हैं और ग्राहक पर ऐसे खर्च डाल दिये जाते हैं जिनकी जानकारी ग्राहक से छिपाई गयी होती है। बड़ी संख्या में शिकायतें हैं कि ये मंच वसूली में भयादोहन और धौंस पट्टी जैसे गैरकानूनी हथकंडे अपनाते हैं।

 वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार वित्त मंत्री ने इस संभावना का भी उल्लेख किया कि इस काम में धनशोधन, कर चोरी, व्यक्तिगत डाटा की निजता का उल्लंघन और इन मंचों का ऐसे दूसरे कामों में दुरुपयोग होने की भी आशंका है। चर्चा में यह फैसला किया गया कि कानूनी रूप से कारोबार करने वाले ऋण एप की रिजर्व बैंक एक ‘स्वच्छ सूची’ तैयार करेगा और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि एप स्टोर पर केवल इस स्वच्छ सूची के एप ही रखे जाएं।

 बयान के अनुसार रिजर्व बैंक इन गैरकानूनी ऋण एप के साथ फर्जीवाडे के लिए जोड़े गये खातों की भी निगरानी करेगा और देखेगा कि कहीं उनका उपयोग मनीलॉड्रिंग के लिए नहीं हो रहा है। रिजर्व बैंक की सुप्त गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की समीक्षा भी करेगा और उनका लाइसेंस रद्द करेगा ताकि उनका दुरुपयोग न हो सके। रिजर्व बैँक यह सुनिश्चित करेगा कि कोई गैर पंजीकृत भुगतान एग्रीगेटर प्लेटफार्म परिचालन न कर सके, भुगान एग्रीगेटर के लिए पंजीकृत प्रक्रिया का सुव्यवस्थित और समयबद्ध किया जायेगा।

 इसी तरह कारपोरेट मामलों का मंत्रालय खोखा कंपनियों के जरिए गड़बड़ी रोकने के लिए उनकी पहचान और उनके पंजीकरण रद्द करने का काम करेगा। इस बैठक में यह भी फैसला किया गया कि ग्राहकों, बैंक कमिर्यों, सरकारी प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य संधंतित पक्षों को ऑन लाइन प्रणाली से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरुक किया जाए। गैर कानूनी ऋण ऐप पर पाबंदी के लिए हर मंत्रालय और एजेंसी का सहयोग लेने का फैलसा किया गया है।

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भारत बना दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ब्रिटेन को पीछे छोड़ा https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%b5%e0%a5%80/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%b5%e0%a5%80/#respond Sat, 03 Sep 2022 11:45:17 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=4121 अंतिम प्रवक्ता, 03 सितंबर । आजादी के अमृतकाल में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वैश्विक महामारी को मात देकर भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। खास बात यह है कि ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत ने यह उपलब्धि हासिल की है। पिछले 10 वर्षों में 11वें पायदान से यहां तक का सफर भारत ने तय किया है। इस लिहाज से भी यह बेहद शानदार और प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व करने वाला क्षण है।  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत साल 2021 के आखिरी तीन महीने में ब्रिटेन से आगे […]

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अंतिम प्रवक्ता, 03 सितंबर । आजादी के अमृतकाल में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वैश्विक महामारी को मात देकर भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। खास बात यह है कि ब्रिटेन को पछाड़ कर भारत ने यह उपलब्धि हासिल की है। पिछले 10 वर्षों में 11वें पायदान से यहां तक का सफर भारत ने तय किया है। इस लिहाज से भी यह बेहद शानदार और प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व करने वाला क्षण है।

 अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत साल 2021 के आखिरी तीन महीने में ब्रिटेन से आगे निकला। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में भी भारत की ये बढ़त वित्त वर्ष 2022-23 में भी जारी है। भारत की अर्थव्यवस्था 854.7 अरब डॉलर रही, जबकि इसी अवधि में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 816 अरब डॉलर रही। इस लिहाज से अब भारत से आगे सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी रह गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से ब्रिटेन ने दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का तमगा खो दिया। दरअसल, ब्रिटेन पिछले चार दशकों में सबसे तेज महंगाई और मंदी के बढ़ते रिस्क का सामना कर रहा है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अनुमान जताया है कि यह स्थिति 2024 तक रहेगी। वहीं, दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था के इस वर्ष 7 फीसदी से ज्यादा की दर से बढ़ने का अनुमान है।

आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में भी मामूली जीडीपी (2.9 लाख करोड़ डॉलर) से भारत 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था, जबकि ब्रिटेन (2.8 लाख करोड़ डॉलर) छठे स्थान पर आ गया था। हालांकि, भारत फिर ब्रिटेन से पिछड़ गया था। दरअसल ब्रिटेन को पीछे छोड़ने की खबर ऐसे वक्त में आई है, जब भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में 13.5 फीसदी की वृद्धि दर हासिल की है। भारत दुनिया में सबसे तेज आर्थिक विकास दर हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

 उल्लेखनीय है कि आईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक यह कैलकुलेशन अमेरिकी डॉलर पर आधारित है। हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य तय किया है। वहीं, पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन बिबेक देबरॉय ने जारी अपनी रिपोर्ट में देश की अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2047 तक 20 हजार अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया है। इसके अलावा वित्त सचिव टीवी सोमनाथन का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7 से 7.4 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करने की ओर बढ़ रही है।

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पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क से सरकार की कमाई बढ़ी, पहली छमाही में जुटाए 1.71 लाख करोड़ रु. https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%89/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%89/#respond Sun, 31 Oct 2021 09:39:02 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3912 अंतिम प्रवक्ता, 31 अक्टूबर (नई दिल्ली)। पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क संग्रह चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। यदि कोविड-पूर्व के आंकड़ों से तुलना की जाए, तो पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क संग्रह में 79 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि हुई है। वित्त मंत्रालय में लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले छह माह में पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार का उत्पाद शुल्क संग्रह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत बढ़कर 1.71 […]

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अंतिम प्रवक्ता, 31 अक्टूबर (नई दिल्ली)। पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क संग्रह चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। यदि कोविड-पूर्व के आंकड़ों से तुलना की जाए, तो पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क संग्रह में 79 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि हुई है।

वित्त मंत्रालय में लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले छह माह में पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार का उत्पाद शुल्क संग्रह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान अवधि में यह 1.28 लाख करोड़ रुपये रहा था।

यह अप्रैल-सितंबर, 2019 के 95,930 करोड़ रुपये के आंकड़े से 79 प्रतिशत अधिक है।

पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में पेट्रोलियम उत्पादों से सरकार का उत्पाद शुल्क संग्रह 3.89 लाख करोड़ रुपये रहा था। 2019-20 में यह 2.39 लाख करोड़ रुपये था।

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली लागू होने के बाद सिर्फ पेट्रोल, डीजल, विमान ईंधन और प्राकृतिक गैस पर ही उत्पाद शुल्क लगता है। अन्य उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी लगता है।

सीजीए के अनुसार, 2018-19 में कुल उत्पाद शुल्क संग्रह 2.3 लाख करोड़ रुपये रहा था। इसमें से 35,874 करोड़ रुपये राज्यों को वितरित किए गए थे। इससे पिछले 2017-18 के वित्त वर्ष में 2.58 लाख करोड़ रुपये में से 71,759 करोड़ रुपये राज्यों को दिए गए थे।

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में पेट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ा हुआ (इंक्रीमेंटल) उत्पाद शुल्क संग्रह 42,931 करोड़ रुपये रहा था। यह सरकार की पूरे साल के लिए बांड देनदारी 10,000 करोड़ रुपये का चार गुना है। ये तेल बांड पूर्ववर्ती कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में जारी किए गए थे।

ज्यादातर उत्पाद शुल्क संग्रह पेट्रोल और डीजल की बिक्री से हासिल हुआ है। अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार के साथ वाहन ईंधन की मांग बढ़ रही है। उद्योग सूत्रों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में बढ़ा हुआ उत्पाद शुल्क संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रह सकता है।

पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने रसोई गैस, केरोसिन और डीजल की लागत से कम मूल्य पर बिक्री की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोलियम कंपनियों को कुल 1.34 लाख करोड़ रुपये के बांड जारी किए थे।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में इसमें से 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोगों को वाहन ईंधन की ऊंची कीमतों से राहत देने में पेट्रोलियम बांडों को बाधक बताया है। पेट्रोल और डीजल पर सबसे अधिक उत्पाद शुल्क जुटाया जा रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल वाहन ईंधन पर कर दरों को रिकॉर्ड उच्चस्तर पर कर दिया था।

पिछले साल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को 19.98 रुपये से बढ़ाकर 32.9 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। इसी तरह डीजल पर शुल्क बढ़ाकर 31.80 रुपये प्रति लीटर किया गया था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें सुधार के साथ 85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं और मांग लौटी है, लेकिन सरकार ने उत्पाद शुल्क नहीं घटाया है। इस वजह से आज देश के सभी बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं डेढ़ दर्जन से अधिक राज्यों में डीजल शतक लगा चुका है।

सरकार ने पांच मई, 2020 को उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी कर इसे रिकॉर्ड स्तर पर कर दिया था। उसके बाद से पेट्रोल के दाम 37.38 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं। इस दौरान डीजल कीमतों में 27.98 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

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कोविड-19 सदी का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकट : शक्तिकांत दास https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a1-19-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a1-19-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be/#respond Sun, 12 Jul 2020 06:03:12 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3595 अंतिम प्रवक्ता, 11 जुलाई, 2020। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 पिछले सौ साल यानी सदी का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकट है। दास ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के 7वें बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते ये बात कही। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रहे इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव को एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। एसबीआई के 7वें बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 पिछले 100 साल का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक से […]

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अंतिम प्रवक्ता, 11 जुलाई, 2020। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 पिछले सौ साल यानी सदी का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकट है। दास ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के 7वें बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते ये बात कही। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रहे इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव को एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। एसबीआई के 7वें बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 पिछले 100 साल का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक से जुड़ा संकट है। इसकी वजह से उत्पादन, नौकरियों और स्वास्थ्य पर अभूतपूर्व नकारात्मक असर देखने को मिला है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इस संकट ने पहले से मौजूद वैश्विक व्यवस्था, ग्लोबल वैल्यू चेन और दुनियाभर में लेबर एंड कैपिटल मुवमेंट को प्रभावित किया है। दास ने कहा कि कोविड-19 की महामारी हमारी आर्थिक एवं वित्तीय व्यवस्था की मजबूती और लचीलापन को परखने के लिहाज से भी अबतक का सबसे बड़ा टेस्ट है। दास ने कहा कि संकट के इस समय में हमारी वित्तीय व्यवस्था को बचाने और अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि आरबीआई की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमिक कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय स्थिरता भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। दास ने कहा कि जोखिम को पहचान करने के लिए आरबीआई ने अपने निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया है। बता दें कि कोविड-19 संकट की वजह से इस बार यह कॉन्क्लेव वर्चुअल आयोजित किया गया है। उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने कोरोना वायरस की वजह से उपजे संकट को देखते हुए कई उपाय किए हैं। देश की आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक ने लगातार दो बार रेपो रेट में कटौती कर चुका है। इसके साथ ही सिस्टम में नकदी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी आरबीआई ने कई ठोस कदम उठाए हैं।

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ऋण गांरटी योजना के तहत बैंकों से एमएसएमई इकाइयों को 1.20 लाख करोड़ रुपये का ऋण मंजूर https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%8b%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%82/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%8b%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%82/#respond Sat, 11 Jul 2020 03:08:31 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3592 अंतिम प्रवक्ता, 10 जुलाई, 2020। बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत अब तक 1,20,099.37 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है। हालांकि, नौ जुलाई तक इसमें से 61,987.90 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कोविड-19 महामारी से एमएसएमई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र को मदद देने के लिए सरकार ने 100 प्रतिशत सरकारी गारंटी वाली आपात ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित […]

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अंतिम प्रवक्ता, 10 जुलाई, 2020। बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत अब तक 1,20,099.37 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है। हालांकि, नौ जुलाई तक इसमें से 61,987.90 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कोविड-19 महामारी से एमएसएमई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र को मदद देने के लिए सरकार ने 100 प्रतिशत सरकारी गारंटी वाली आपात ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का हिस्सा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बाद में पांच चरणों में इस पैकेज का ब्योरा पेश किया। वित्त मंत्रालय ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं उनमें इस योजना के तहत सभी 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, 22 निजी क्षेत्र के बैंकों और 21 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा मंजूर और वितरित ऋण का ब्योरा शामिल है। वित्त मंत्री ने सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘नौ जुलाई, 2020 तक 100 प्रतिशत ईसीएलजीएस के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा कुल 1,20,099.37 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया गया। इसमें से 61,987.90 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।’’ उन्होंने कहा कि योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा मंजूर ऋण की राशि बढ़कर 68,145.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। नौ जुलाई तक इसमें से 38,372.88 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका था। इसी तरह निजी क्षेत्र के बैंकों ने 51,953.97 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है जिसमें से 23,615.02 करोड़ रुपये वितरित किया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने योजना के तहत 20,788 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है और 13,893 करोड़ रुपये वितरित किये है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने 8,977 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है, जबकि उसमें से 2,975 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं। महाराष्ट्र की इकाइयों को सबसे अधिक 7,035 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है। उन्हें अभी तक इसमें से 3,897 करोड़ रुपये वितरित हुये हैं। इसी तरह तमिलनाडु की इकाइयों को 6,955 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर हुआ है। जिसमें से उन्हें 4,153 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 21 मई को एमएसएमई क्षेत्र को 9.25 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर तीन लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी द दी थी। योजना के तहत ऋण पर राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्ट कंपनी 100 प्रतिशत गारंटी कवर देगी। इसके तहत पात्र एमएसएमई और मुद्रा योजना के तहत कर्ज लने वालों को गारंटीशुदा आपात ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने इसके लिये 41,600 करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया है। यह कोष चालू वित्त वर्ष के साथ ही अगले तीन वित्त वर्ष के दौरान रहेगा।

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अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत, उद्योग जगत आगे आये और निवेश करें : अनुराग ठाकुर https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6/#respond Sat, 11 Jul 2020 02:55:08 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3587 अंतिम प्रवक्ता, 10 जुलाई, 2020। वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उद्योग जगत से निवेश के लिये आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था संरचनात्मक रूप से मजबूत है और सरकार सुधारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उद्योग मंडल सीआईआई के सदस्यों को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए ठाकुर ने निवेश को प्रोत्साहित किये जाने के लिये सरकार की तरफ से कंपनी कर घटाये जाने समेत पिछले छह साल में किये गये विभिन्न सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों के निवेश से विदेशी कंपनियों में भी भारत में पैसा लगाने को लेकर […]

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अंतिम प्रवक्ता, 10 जुलाई, 2020। वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उद्योग जगत से निवेश के लिये आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था संरचनात्मक रूप से मजबूत है और सरकार सुधारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उद्योग मंडल सीआईआई के सदस्यों को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए ठाकुर ने निवेश को प्रोत्साहित किये जाने के लिये सरकार की तरफ से कंपनी कर घटाये जाने समेत पिछले छह साल में किये गये विभिन्न सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों के निवेश से विदेशी कंपनियों में भी भारत में पैसा लगाने को लेकर भरोसा जगेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रायः कुछ देशों में कम कंपनी कर की बात करते थे। पिछले साल हमने इसे नीचे ला दिया। कंपनी कर की दरों को 30 प्रतिशत से कम कर 15 प्रतिशत किया गया जो ऐतिहासिक है।’’मंत्री ने कहा, ‘‘यह अब भारतीय उद्योग और कंपनियों पर है कि वे दुनिया को दिखायें और आगे आकर निवेश करें। मुझे लगता है कि पहला निवेश भारतीय उद्योग की तरफ से शुरू होना चाहिए। इससे विदेशी कंपनियों में भारत में निवेश को लेकर भरोसा बढ़ेगा। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने बृहस्पतिवार को हम सभी को संबोधित किया और देश में निवेश का न्यौता दिया।’’उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का इरादा अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का है, उसे नियंत्रण से बाहर लाकर ऐसी व्यवस्था करना है जहां चीजें खुली हों और स्वतः आगे बढ़े। मंत्री ने कहा कि विभिन्न नई परियोजनाओं, पुरानी परियोजनाओं और उभरते क्षेत्रों में संभावनाएं और अवसर हैं। ‘‘हम आथिक वृद्धि के पटरी पर आने को लेकर पूरी तरह आशावान हैं और इसका कारण हमारा भारत के उद्योग जगत के ऊपर भरोसा है।’’उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ साल से निजी निवेश न के बराबर है। इसका कारण उद्योग जगत का पूंजी निर्माण से बचना है। कठिन समय में निवेश को बढ़ावा देने के लिये उठाये गये कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी कानून की 58 धाराओं को अपराध की श्रेणी से हटाया गया है जबकि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कार्रवाई के लिये सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की गई है। ठाकुर ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 संकट को देखते हुए ऋण शोधन कार्रवाई को भी एक साल के लिये निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां तक सुधारों का सवाल है, रक्षा उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा को उदार कर 74 प्रतिशत किया गया है जबकि निजी कंपनियों को कोयला क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन की अनुमति दी गयी है। मंत्री ने कहा कि पिछले 15 दिनों में 1,400 लोगों ने कोयले के वाणिज्यिक खनन में रूचि दिखायी है। इससे कोयला के आयात में 60 प्रतिशत कमी लाने में मदद मिलेगी। अर्थव्यवसथा के संदर्भ में मंत्री ने कहा, ‘‘भारत संरचनात्मक रूप से मजबूत बना हुआ है और पिछले छह साल में सुधारों की दिशा में कदम उठाया गया है, उससे मजबूत आधार का निर्माण हुआ है। हमारे लिये सुधार का मतलब चीजों को व्यवस्थित करना है और आपसी तालमेल के साथ भारतीय उद्योग को आगे बढ़ने में मदद करना है। हमारा सुधार एकीकृत, परस्पर जुड़ा और लक्षित है ताकि उद्योग जगत और भारतीय अर्थव्यवस्था भविष्य के लिये तैयार हों।’’

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आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अर्थव्यवस्था पर कई बेहतर प्रभाव होंगे : ठाकुर https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ad%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ad%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87/#respond Wed, 08 Jul 2020 06:57:18 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3563 अंतिम प्रवक्ता, 07 जुलाई, 2020। वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि उनका मंत्रालय 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं को तेजी से लागू कर रहा है। इसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर कई तरह के बेहतर प्रभाव होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कोविड-19 संकट से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में उद्योग और नागरिकों के लिए हर संभव कदम उठा रही है। देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य उसे इस तरह के अभूतपूर्व संकट से बाहर निकालेगा। वह उद्योग मंडल फिक्की के एक वेबिनार को संबोधित कर […]

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अंतिम प्रवक्ता, 07 जुलाई, 2020। वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि उनका मंत्रालय 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं को तेजी से लागू कर रहा है। इसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर कई तरह के बेहतर प्रभाव होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कोविड-19 संकट से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में उद्योग और नागरिकों के लिए हर संभव कदम उठा रही है। देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य उसे इस तरह के अभूतपूर्व संकट से बाहर निकालेगा। वह उद्योग मंडल फिक्की के एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। ठाकुर ने कहा, ‘‘वित्त मंत्रालय हालात की नियमित समीक्षा कर रहा है और सरकार की घोषणाओं को अब तक तेजी से लागू करता आ रहा है। आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज देश की अर्थव्यवस्था पर कई तरह से असर डालेगा। यदि इस पैकेज पर नजर डालें तो आप पाएंगे कि दो दशकों में होने वाले सुधार को दो हफ्तों में पूरा कर लिया गया। भारत का मतलब अब एक ऐसी दुनिया में कारोबार करने से है जहां अब कारोबार की दुनिया काफी बदल गई, पहले जैसा नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज का जोर कारोबारों को बचाने और अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने का खाका तैयार करने पर है। पांच चरणों में घोषित इस पैकेज में सरकार ने लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 5.94 लाख करोड़ रुपये की ऋण सुविधा, गैर-बैंकिंग कंपनियों और बिजली कंपनियों को ऋण सहायता, किसानों और प्रवासी श्रमिकों को खाद्यान्न और नकदी सहायता जैसे कई कदम उठाए हैं। मीडिया और मनोरंजन उद्योग के बारे में ठाकुर ने कहा कि रचनात्मक कार्यों का क्षेत्र एक उच्च वृद्धि वाला क्षेत्र है। यदि इसको ठीक से पोषित किया जाए तो यह प्रतिस्पर्धा, उत्पादकता, सतत वृद्धि और रोजगार को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकता है और देश की निर्यात क्षमता को बढा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के सामने बड़ी चुनौती बौद्धिक संपदा अधिकारों और कॉपीराइट के डिजिटलीकरण, कुशल कार्यबल और वितरण नेटवर्क तक पहुंच की है। मीडिया और मनोरंजन उद्योग पूरी तरह से विज्ञापन पर निर्भर है जबकि वैश्विक स्तर पर इनकी आय का मुख्य जरिया वितरण नेटवर्क और उपयोक्ताओं से आने वाला पैसा है। इन सभी पहलुओं को साथ लाने की जरूरत है ताकि आय और वृद्धि के नए रास्ते बनाए जा सकें।

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15 जुलाई को लॉन्च हो रही होंडा सिटी 2020 https://www.antimpravakta.com/15-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%a1/ https://www.antimpravakta.com/15-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%a1/#respond Tue, 07 Jul 2020 07:01:30 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3552 अंतिम प्रवक्ता, 06 जुलाई, 2020। होंडा की ऑल-न्यू सिटी 2020 कार का इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। कंपनी इसे 15 जुलाई को लॉन्च करने जा रही है। ग्राहक इस कार का इंतजार काफी लंबे समय से कर रहे हैं। कंपनी इस कार को इस साल की शुरूआत में ही लॉन्च करने वाली थी। लेकिन कोरोना वायरस के कारण कंपनी को इसे रोकना पड़ा। पांचवीं पीढ़ी की सेडान कार सिटी का ग्रेटर नोएडा प्लांट में निर्माण में हो रहा है। जापानी कार निर्माता ने होंडा सिटी 2020 की बुकिंग काफी पहले ही शुरू कर दी है। अगर आप भी […]

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अंतिम प्रवक्ता, 06 जुलाई, 2020। होंडा की ऑल-न्यू सिटी 2020 कार का इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। कंपनी इसे 15 जुलाई को लॉन्च करने जा रही है। ग्राहक इस कार का इंतजार काफी लंबे समय से कर रहे हैं। कंपनी इस कार को इस साल की शुरूआत में ही लॉन्च करने वाली थी। लेकिन कोरोना वायरस के कारण कंपनी को इसे रोकना पड़ा। पांचवीं पीढ़ी की सेडान कार सिटी का ग्रेटर नोएडा प्लांट में निर्माण में हो रहा है। जापानी कार निर्माता ने होंडा सिटी 2020 की बुकिंग काफी पहले ही शुरू कर दी है। अगर आप भी होंडा की पॉपुलर सेडान कार सिटी का इंतजार लंबे समय से कर रहे हैं। तो आप इसे कंपनी की वेबसाइट के जरिए सिर्फ 5,000 रुपये की टोकन राशि में बुक कर सकते हैं। होंडा कार डीलरशिप पर इस सेडान कार को बुक करने के लिए लगभग 21,000 रुपये की टोकन राशि देनी होगी। होंडा के मुताबिक नई सिटी को पहले की तुलना में हल्का और ज्यादा सुरक्षित बनाया गया है। नई कार के लुक, डिजाइन, फीचर्स और इंजन भी बहुत से बदलाव देखने को मिलेंगे। इस कार में बहुत से फीचर्स पहली बार दिए गए हैं। वहीं कीमत की बात करें तो इसके टॉप-स्पेक मॉडल की कीमत 15 लाख रुपये के करीब होने की संभावना है। हालांकि कंपनी ने फिलहाल इसकी कीमत को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। नई सिटी आउटगोइंग कार से बड़ी होगी. फीचर की बात करें, तो इसमें एंड्रॉयड ऑटो के साथ आठ इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एपल कारप्ले और अमेजन एलेक्सा, होंडा कनेक्ट सुइट के साथ 32 कार फीचर्स, 6.9 इंच एचडी टीएफटी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, ऑटोमैटिक हैडलैंप्स, पुश स्टार्ट/स्टॉप बटन, इलेक्ट्रिक सनरूफ समेत कई सारे फीचर्स दिए जाएंगे। कार में 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन एक नई डीओएचसी यूनिट है, जो 6600 आरपीएम पर 121 पीएस का ताकत और 4300 आरपीएम पर 145 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।

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जीएसटी संग्रह जून में 90,917 करोड़ रुपये रहा, पहली तिमाही में राजस्व 59 प्रतिशत घटा https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-90917-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-90917-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b/#respond Thu, 02 Jul 2020 06:17:37 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3504 अंतिम प्रवक्ता, 01 जुलाई, 2020। सरकार ने जून में जीएसटी से 90,917 करोड़ रुपये एकत्र किए। ये आंकड़ा मई में 62,009 करोड़ रुपये और अप्रैल में 32,294 करोड़ रुपये था। पिछले वर्ष की तुलना में जून 2020 में जीएसटी संग्रह नौ प्रतिशत कम था, जबकि इसमें मई के दौरान 62 प्रतिशत और अप्रैल के दौरान 28 प्रतिशत गिरावट हुई थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान जीएसटी संग्रह में 59 फीसदी की गिरावट हुई। कोविड-19 महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण ऐसा हुआ, जिसके कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘जून, […]

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अंतिम प्रवक्ता, 01 जुलाई, 2020। सरकार ने जून में जीएसटी से 90,917 करोड़ रुपये एकत्र किए। ये आंकड़ा मई में 62,009 करोड़ रुपये और अप्रैल में 32,294 करोड़ रुपये था। पिछले वर्ष की तुलना में जून 2020 में जीएसटी संग्रह नौ प्रतिशत कम था, जबकि इसमें मई के दौरान 62 प्रतिशत और अप्रैल के दौरान 28 प्रतिशत गिरावट हुई थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान जीएसटी संग्रह में 59 फीसदी की गिरावट हुई। कोविड-19 महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण ऐसा हुआ, जिसके कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘जून, 2020 में एकत्र सकल जीएसटी राजस्व 90,917 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सीजीएसटी 18,980 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 23,970 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 40,302 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा किए गए 15,709 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 7,665 करोड़ रुपये हैं।’’ सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा में राहत दी है। जून 2020 के दौरान अप्रैल, मार्च और यहां तक कि फरवरी के रिटर्न भी दाखिल किए गए। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण चालू वित्त वर्ष में राजस्व प्रभावित हुआ। इसके अलावा सरकार द्वारा महामारी के कारण रिटर्न फाइल करने और करों के भुगतान में राहत देने से भी कर संग्रह कम रहा है। हालांकि, पिछले तीन महीने के आंकड़े क्रमिक रूप से जीएसटी राजस्व में सुधार को दिखा रहे हैं। बयान के मुताबिक जून में पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक जैसे राज्यों के कर संग्रह में बढ़ोतरी देखी गई। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों जैसे सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश में भी इस महीने के दौरान राजस्व में वृद्धि देखी गई। ईवाई टैक्स के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि जीएसटी संग्रह में पहली तिमाही के दौरान साफ तौर पर गिरावट देखने को मिली है, लेकिन जून में सुधार के संकेत देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व में कमी और इसके साथ राज्यों के राजस्व में गिरावट के चलते केंद्र का दायित्व है कि वह राज्यों को क्षतिपूर्ति करे, जो एक चिंता का विषय है।

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जेमोपाई इलेक्ट्रिक ने मिनी स्कूटर मिसो पेश किया, कीमत 44,000 रुपये https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf/ https://www.antimpravakta.com/%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf/#respond Sat, 27 Jun 2020 05:58:53 +0000 http://www.antimpravakta.com/?p=3427 अंतिम प्रवक्ता, 26 जून, 2020। जेमोपाई इलेक्ट्रिक ने शुक्रवार को बाजार में अपना मिनी ई-स्कूटर मिसो पेश किया। इसकी कीमत 44,000 रुपये है। जेमोपाई इलेक्ट्रिक ने बयान में कहा कि उसने मिनी स्कूटर की बुकिंग शुरू कर दी है। इसकी डिलिवरी अगले महीने से की जाएगी। जेमोपाई इलेक्ट्रिक गोरीन ई-मोबिलिटी और ओपाई इलेक्ट्रिक का संयुक्त उद्यम है। इस स्कूटर में सिर्फ चालक के लिए एक सीट है। एक बार पूरी चार्जिंग के बाद यह स्कूटर 75 किलोमीटर दौड़ सकता है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर को दो घंटे में 90 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है। जेमोपाई इलेक्ट्रिक […]

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अंतिम प्रवक्ता, 26 जून, 2020। जेमोपाई इलेक्ट्रिक ने शुक्रवार को बाजार में अपना मिनी ई-स्कूटर मिसो पेश किया। इसकी कीमत 44,000 रुपये है। जेमोपाई इलेक्ट्रिक ने बयान में कहा कि उसने मिनी स्कूटर की बुकिंग शुरू कर दी है। इसकी डिलिवरी अगले महीने से की जाएगी। जेमोपाई इलेक्ट्रिक गोरीन ई-मोबिलिटी और ओपाई इलेक्ट्रिक का संयुक्त उद्यम है। इस स्कूटर में सिर्फ चालक के लिए एक सीट है। एक बार पूरी चार्जिंग के बाद यह स्कूटर 75 किलोमीटर दौड़ सकता है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर को दो घंटे में 90 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है। जेमोपाई इलेक्ट्रिक के सह-संस्थापक अमित राज सिंह ने कहा, ‘‘ऐसे समय जब हम संकट का सामना कर रहे हैं, हमारे समक्ष सुरक्षित रहते हुए कारोबार की निरंतरता एक चुनौती है। इस दौर में यह एक स्कूटर आवागमन का एक सुरक्षित विकल्प है।’’ सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस संकट में एक सीट वाला स्कूटर सुरक्षित यात्रा विकल्प पेश करता है। इस स्कूटर को चलाने के लिए लाइसेंस या क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की अनुमति की जरूरत नहीं है। इस वाहन की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह स्कूटर दो ट्रिम्स में पेश किया गया है। एक में सामान ढोने के लिए कैरियर है, जो 120 किलोग्राम भार वहन कर सकता है। दूसरा सिर्फ एक सीट वाला स्कूटर है।

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