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Home›News›संत रविदास के जन्मस्थान पर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं मोदी रू जेपी नड्डा

संत रविदास के जन्मस्थान पर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं मोदी रू जेपी नड्डा

By Antim Pravakta
February 28, 2021
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अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि संत रविदास के जन्मस्थान पर जाने वाले प्रथम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं। काशी में बहुत बड़ा गुरु रविदास उद्यान बन रहा हैए ये काम भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। भगवान रविदासए धर्मातरण के साथ ही साथ नशे के भी विरोधी थे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय पर संत रविदास जयंती के मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहाए संत रविदास ने नशे का विरोध करने के साथ साथ भगवान की भक्ति में लीन होकर समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम किया। हम सब लोग आज के दिन महान संत गुरुदेव भगवान रविदास की जयंती मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। तो हम सबका ये फर्ज भी बनता है कि हम उनके जीवन से प्रेरणा लें और उसे आत्मसात करते हुए सामाजिक जीवन में अपना भी उपयोग उनके बताए रास्ते के अनुसार करें।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा किए संत रविदास के ये शब्द. ऐसा चाहूं राज मैंए जहां मिले सबन को अन्नए छोट.बड़ो सब सम बसेए रविदास रहे प्रसन्न। अगर इस वाक्य को आत्मसात किसी ने किया है तो वह भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी ने किया है। प्रधानमंत्री मोदी की सभी योजनाएं अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मजबूती प्रदान करने के लिए हैं।

इनके माध्यम से गरीबए वंचितए शोषितए पीड़ित और दलित को मुख्यधारा में लाने का काम हो रहा है। ये हमारी जिम्मेदारी बनती है कि गुरु रविदास जी के बताए रास्ते पर चलते हुए एक सशक्त और सामथ्र्यवान भारत हमें बनाना है। इसमें जो प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं हैंए उनको नीचे तक फलीभूत करने के लिए काम करेंगेए यहीं संत रविदास जी को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

जेपी नड्डा ने कहा कि अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान संत गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। एकता व सद्भाव से परिपूर्ण उनका दर्शन आज भी प्रासंगिक है। उनका हर विचार हमारी सरकार के लिए समाज सेवा का मंत्र है।
खिलौना बनाने वालों को पीएम मोदी की सलाहए प्लास्टिक की जगह पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का बढ़ाएं इस्तेमाल

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को खिलौना निर्माताओं से नवप्रवर्तन पर ध्यान केन्द्रित करने और विनिर्माण में प्लास्टिक का इस्तेमाल घटा कर उसकी जगह पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का उपयोग बढ़ाने का आह्वान किया। भारत के पहले खिलौना मेला 2021 का उद्घाटन करते हुएए मोदी ने कहाए श्हमें खिलौना क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा और वैश्विक बाजार की जरुरतों को भी पूरा करना होगाश्।
उन्होंने बाजार में भारत की वर्तमान स्थिति पर खेद जताते हुए कहा कि 100 अरब डॉलर के वैश्विक खिलौना बाजार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम हैए और देश में बिकने वाले लगभग 85 प्रतिशत खिलौने आयात किए जाते हैं। उन्होंने कहाए श्हमें भारत में हाथ से बने उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत है।श् प्रधान मंत्री ने चेन्नापट्टनमए वाराणसी और जयपुर के पारंपरिक खिलौना निर्माताओं के साथ बातचीत की और उन्हें बच्चों की बदलती रुचि को ध्यान में रखते हुए नए खिलौने बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने खिलौना निर्माताओं से पर्यावरण के अनुकूलए आकर्षक और अभिनव खिलौने बनाने और अधिक दोबारा इस्तेमाल किये जा सकने वाली सामग्रियों को इस्तेमाल में लाने के लिए कहा। प्रधान मंत्री ने कहा कि सरकार ने घरेलू खिलौना उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 15 मंत्रालयों को शामिल करके एक राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना तैयार की है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भारत को खिलौना क्षेत्र में आत्मानिर्भर बनाना और वैश्विक बाजार में घरेलू खिलौनों की उपस्थिति को बढ़ाना है।मोदी ने कहा कि भारतीय खिलौना उद्योग में परंपराए तकनीकए अवधारणा और क्षमता की मौजूदगी है। उन्होंने कहाए श्हम दुनिया को पर्यावरण के अनुकूल खिलौने दे सकते हैंश्।

15 मंत्रालयों ने मिलकर तैयार किया नेशनल टॉय एक्शन प्लान ;अपडेटद्ध

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया है कि अब देश ने खिलौना उद्योग को 24 प्रमुख क्षेत्रों में दर्जा दिया है। नेशनल टॉय एक्शन भी तैयार किया गया है। इसमें 15 मंत्रालयों और विभागों को शामिल किया गया हैए ताकि देश खिलौनों में आत्मनिर्भर बने और भारत के खिलौने दुनिया में भी जाएं।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को वर्चुअल टॉय फेयर का उद्घाटन करते हुए कहाए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्ले.आधारित और गतिविधि.आधारित शिक्षा को बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है। ये ऐसी शिक्षा व्यवस्था हैए जिसमें बच्चों में पहेलियों और खेलों के माध्यम से तार्किक और रचनात्मक सोच बढ़ेए इस पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक खिलौना बच्चों को खुशियों की अनंत दुनिया में ले जाता है। भारतीय खेल और खिलौनों की ये खूबी रही है कि उनमें ज्ञान होता हैए विज्ञान भी होता हैए मनोरंजन होता है और मनोविज्ञान भी होता है। ये पहला टॉय फेयर केवल एक व्यापारिक या आर्थिक कार्यक्रम भर नहीं है। ये कार्यक्रम देश की सदियों पुरानी खेल और उल्लास की संस्कृति को मजबूत करने की एक कड़ी है।

उन्होंने कहा कि आज टॉय फेयर के इस अवसर पर हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इस ऊर्जा को आधुनिक अवतार देंए इन संभावनाओं को साकार करें। अगर आज मेड इन इंडिया की डिमांड है तो आज हैंड मेड इन इंडिया की डिमांड भी उतनी ही बढ़ रही है। इस पूरे अभियान में राज्यों को बराबर का भागीदार बनाकर टॉय क्लस्टर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही देश टॉय टूरिज्म की संभावनाओं को भी मजबूत कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलौनों का जो वैज्ञानिक पक्ष हैए बच्चों के विकास में खिलौनों की जो भूमिका हैए उसे अभिभावकों को समझना चाहिए और अध्यापकों को स्कूलों में भी उसे प्रयोग करना चाहिए। इस दिशा में देश भी प्रभावी कदम उठा रहा हैए व्यवस्था में जरूरी कदम उठा रहा है। हमारे यहां खिलौने ऐसे बनाए जाते थे जो बच्चों के चहुंमुखी विकास में योगदान दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भी भारतीय खिलौने आधुनिक फैंसी खिलौनों की तुलना में कहीं सरल और सस्ते होते हैंए सामाजिक.भौगोलिक परिवेश से जुड़े भी होते हैं।
आयुर्वेद और तकनीक के मेल से तलाशे जाएंगे प्रभावी चिकित्सा विकल्प

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् कोविड.19 महामारी के बाद पूरे विश्व का ध्यान भारत की प्राचीनतम चिकित्सा प्रणाली की ओर आकर्षित हुआ है। आयुर्वेद भारत की प्राचीनतम चिकित्सा प्रणालियों में से एक है।
आयुर्वेदिक औषधियां अनेक जटिल रोगों के निदान में कारगर पायी गयी हैं। वर्तमान में प्राचीन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के मेल से चिकित्सा के क्षेत्र में नए विकल्प तलाशने के प्रयास जारी हैं। इसी दिशा में विभिन्न शोध.परियोजनाओं और शिक्षण में परस्पर सहयोग बढ़ाने और एक साथ काम करने के उद्देश्य से डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ;आईआईटीद्धए जोधपुर ने एक आपसी सहमति.पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस सहमति पत्र के अनुसार दोनों संस्थान शैक्षणिक एवं अनुसंधान की गतिविधियों में सूचनाओं का आदान.प्रदान करेंगेए कौशल.विकास के कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से संचालन करेंगेए तथा शोध प्रयोगशालाओं का परस्पर उपयोग करते हुए शैक्षणिक एवं शोध.कार्यों का संचालन भी करेंगे।

इस सहमति.पत्र पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालयए जोधपुर के कुलपति प्रोफेसर अभिमन्यु कुमार एवं आईआईटीए जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर शान्तनू चैधरी ने हस्ताक्षर किए है।

सहमति पत्र के संदर्भ में जानकारी देते हुए सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालयए जोधपुर की कुलसचिव सीमा कविया ने कहा कि प्रस्तावित साझा शोध.गतिविधियों के माध्यम से व्यक्ति की प्रकृति से जुड़े आयुर्वेद के सिद्धान्त को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक मानदंडों मापदण्डों पर परिभाषित करने में मदद मिलेगी।

इस अध्ययन से आयुर्वेद में बताए गए तीन दोष. वातए पित्तए और कफ की विशिष्टताओं के अनुसार व्यक्ति.विशेष के लिये हितकर खानपान एवं दिनचर्या का निर्देशन कर पाना सम्भव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह शोध आयुर्वेदिक औषधियों के फार्मेको.डायनेमिक्स के विश्लेषण में भी सहायक हो सकेगा। साथ ही साथ नाड़ी.दोषए पंचकर्म इत्यादि में सहायक विभिन्न उपकरणों का तकनीक के माध्यम से विकास किया जा सकेगा।

के अध्ययन एवं जल.प्रदूषण एवं वायु.प्रदूषण के नियंत्रण से जुड़े कई अन्य पहलुओं पर भी इस शोध के द्वारा नयी जानकारियां सामने आने की सम्भावना है। दोनों संस्थान जल्द ही एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन करेंगे जिसमें सुझावों एवं संकल्पनाओं को एकत्रित किया जाएगा और उसी अनुरूप आगे की योजनाएं बनाई जायेंगी।

विज्ञान दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगे डॉण् हर्षवर्धन

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् भारतीय वैज्ञानिक सर सीण्वीण् रामन द्वारा अपनी खोज को सार्वजनिक किए जाने की याद में हर वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण अंग है।

इस बार राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम के दौरान विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय संचार पुरस्कारए साइंस ऐंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड ;एसईआरबीद्ध वुमन.एक्सिलेंस अवार्ड और ष्अवसरष् ;ऑग्मेंटिंग राइटिंग स्किल्स फॉर आर्टिकुलेटिंग रिसर्चद्ध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीए पृथ्वी विज्ञान और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्धन द्वारा ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के रूप में नकद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद ;एनसीएसटीसीद्ध द्वारा विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और संचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों के प्रोत्साहन और वैज्ञानिक अभिरुचि बढ़ाने में योगदान देने वाले लोगों एवं संस्थाओं को छह श्रेणियों में यह पुरस्कार हर साल दिया जाता है।

जबकिए ष्अवसरष् एक अखिल भारतीय प्रतियोगिता हैए जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों में डॉक्टोरल या पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थियों से उनके शोध विषय पर आधारित सुगम आलेख आमंत्रित किए जाते हैं और चयनित सर्वश्रेष्ठ आलेखों को पुरस्कृत किया जाता है। इसी तरहए विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली युवा महिला वैज्ञानिकों ;40 वर्ष से कम आयुद्ध को पुरस्कृत करने के लिए एसईआरबी वुमन.एक्सिलेंस अवार्ड प्रदान किया जाता है।

इस बार राष्ट्रीय विज्ञान दिवसर के मौके पर डॉ हर्ष वर्धन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पुरस्कारों पर आधारित सूचनाओं से लैस एक ऑनलाइन डेटाबेस लॉन्च करेंगे। साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी अवार्ड इन्फॉर्मेशन रिट्रीवल सिस्टम ;ैज्।प्त्ैद्ध नामक यह डेटाबेस स्वतंत्रा से पहले से लेकर अब तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पुरस्कृत भारतीय पेशेवरों के बारे जानकारी उपलब्ध कराएगा। यह अनूठी पहल भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा शुरू की गई हैए जो वैज्ञानिक समुदाय के साथ.साथ नीति निर्धारकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। इस डेटाबेस की मदद से पुरस्कारोंए पुरस्कृत व्यक्तियों और प्रायोजकों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

डॉ हर्ष वर्धन इस अवसर पर विदेशों में कार्यरत भारतीय मूल के शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं से संबंधित एक अन्य डेटाबेस भी लॉन्च करेंगे। यह डेटाबेस मौजूदा दौर में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस डेटाबेस मेंए भारतीय मूल के 23ए472 शिक्षाविद एवं शोधकर्ता शामिल किए गए हैं। इस परियोजना के अंतर्गतए अमेरिकाए कनाडाए ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के 2700 से अधिक विश्वविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों की वेबसाइट्स को खंगालने के बाद यह डेटाबेस तैयार किया गया है।

आईबीएम रिसर्च इंडिया की निदेशक डॉ गार्गी बीण् दासगुप्ता का विशेष व्याख्यान इस बार राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का एक अहम हिस्सा होगा। डॉ गार्गी बीण् दासगुप्ता श्विज्ञानए प्रौद्योगिकीए नवाचार का भविष्यः शिक्षाए कौशल एवं कार्य पर प्रभावश् विषय को केंद्र में रखते हुए व्याख्यान देंगी।
इस व्याख्यान में मुख्य रूप से इस बात को रेखांकित किया जाएगा कि चौथी औद्योगिक क्रांति किस तरह नये कौशल की मांग करती है।

उल्लेखनीय है कि पहली औद्योगिक क्रांति को भाप इंजन व कारखानों की स्थापना से जोड़कर देखा जाता हैए और दूसरी औद्योगिक क्रांति का संबंध कम्बशन इंजन एवं बिजली के आविष्कार से रहा है। कंप्यूटर और इंटरनेट के आगमन ने तीसरी औद्योगिक क्रांति को जन्म दिया। अब चौथी औद्योगिक क्रांति के उपकरण के रूप में साइबर भौतिक प्रणालियोंए आर्टिफशियल इंटेलिजेंसए इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा इंटरनेट ऑफ सर्विसेज पर जोर दिया जा रहा है।

सर सीण्वीण् रामन को याद करते हुए हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले सर सीण्वीण् रामन पहले एशियाई थे। उन्हें यह पुरस्कारए वर्ष 1930 में की गई उनकी खोज ष्रामन प्रभावष् के लिए मिला था।

एनसीएसटीसी की पहल पर वर्ष 1987 से हर साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें वैज्ञानिकों के व्याख्यानए निबंध लेखनए विज्ञान प्रश्नोत्तरीए विज्ञान प्रदर्शनीए सेमिनार तथा संगोष्ठी इत्यादि कार्यक्रम शामिल रहते हैं। आम लोगों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और वैज्ञानिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से ये कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

जूते.चप्पल में चिपकी धूल को सोख लेने वाला चिपचिपा मैट

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् लगातार बढ़ते प्रदूषण और निर्माण गतिविधियों से हवा में धूल.कणों की समस्या बहुत आम हो गई है। ये धूल .कण हवा के साथ घर से लेकर दफ्तर तकए हर कहीं पहुंच जाते हैं। यह न केवल सेहत के लिएए बल्कि तमाम संवेदनशील उपकरणों के लिए भी हानिकारक हैं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ;आईआईटीद्धए कानपुर के एक प्रोफेसर ने इस समस्या के समाधान हेतु एक विकल्प उपलब्ध कराया है। उन्होंने एक ऐसा ष्स्टिकी मैटष् विकसित किया है जो संपर्क में आने वाली सतह के धूल कणों को समेट कर सतह को साफ सुथरा रख सकता है। इससे घर के अंदर आने वाले प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
खास बात यह है कि यह मैट न केवल किफायती हैए बल्कि उसका उपयोग करना भी बहुत आसान है। उसे सामान्य तरीके से धोकर कई बार उपयोग में लाया जा सकता है।

आईआईटी कानपुर में रसायन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अनिमांगशु घटक ने भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सहायता से मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत यह मैट विकसित किया है।

इस बारे में उन्होंने बताया कि मैट में मौजूद एड्हेसिव अपनी सतह पर मौजूद अति सूक्ष्म पिरामिड आकार के बंप की मदद से धूल कणों को अपनी ओर खींच लेता है। जब हम उस पर कदम रखते हैं तो हमारे जूतों के सोल साफ हो जाते हैं। प्रोफेसर घटक कई वर्षों से एडहेसिव पर शोध कार्य में जुटे हैं। अपनी नई खोज के लिए भी उन्होंने दो.तीन वर्षों तक गहन शोध किया है।

उन्होंने दीवार पर चढ़ने वाले जीव.जंतुओं जैसे कि घरों में मिलने वाली छिपकली के पंजों में चिपकने वाले पैड को देख कर और उससे प्रेरित होकर इस मैट को विकसित किया है।

प्रोफेसर घटक बताते हैं कि इस मैट का उपयोग और पुनरुपयोग आसानी से किया जा सकता है। मैट में इकठ्ठा हुई धूल को उसी तरह से साफ कर लिया जाता है जैसे हम अपने कपड़े धोते हैं। इस प्रकार मैट की सतह दोबारा उपयोग के लिए फिर से तैयार हो जाती है।

इस प्रकार इसे कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रो घटक ने मैट के विकास के लिए बड़े क्षेत्रए सरल पद्धति द्वारा सतह के आकार के नियंत्रणए धोने की संभावना और पुनः उपयोग जैसी बातों का ध्यान रखते हुए इसे विभिन्न आकारों में तैयार करने की सोच पर काम किया है। इस मैट को प्रमाणन मिल चुका है और अब उसके पेटेंट के लिए आवेदन भी कर दिया गया है।

प्रोफेसर घटक ने बताया कि यह नया मैट अस्पतालों के सघन चिकित्सा कक्षों ;आईसीयूद्ध में भी उपयोग किया जा सकता है। संवेदनशील उपकरणों को रखने वाले कक्ष और सुविधाओं में एयर फिल्टर के एक घटक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह प्रौद्योगिकी ऐसी हर जगह के लिए महत्वपूर्ण है जहां साफ सफाई और स्वच्छता की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल के स्तर पर यह उत्पाद 7.8 के स्तर पर है और इसका अभी व्यवसायीकरण किया जाना है। प्रो घटक का कहना है कि इस प्रौद्योगिकी को उत्पाद के रूप में बाजार में उतारने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए इस तकनीक को किसी कंपनी को हस्तांतरित करने के बजाय बड़े स्तर पर स्वयं इसका उत्पादन करने के लिए प्रायोगिक संयंत्र का निर्माण प्रगति पर है।
कश्मीरी कार्यकर्ता सुशील पंडित की हत्या की साजिश रचने के आरोप में 2 गिरफ्तार

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कश्मीरी कार्यकर्ता सुशील पंडित की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिकए सुखविंदर ;25द्ध और लखन ;21द्ध को आरके पुरम पुलिस ने खुफिया सूचना मिलने के बाद पकड़ाए दोनों हत्या की योजना बना रहे थे। आरके पुरम पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने पंजाब के दोनों परिचितों सुखविंदरए 25 और लखनए 21 को गिरफ्तार कियाए जिन्हें राजकुमार उर्फ टुटी के निर्देश पर दिल्ली भेजा गया था। डीसीपी साउथ वेस्टए इंजीत प्रताप सिंह ने कहाए पूछताछ के दौरानए यह पता चला कि प्रिंस के खिलाफ फरीदकोट पंजाब में हत्या का मुकदमा चल रहा है। वह लखन के बचपन का दोस्त है। मानव अधिकार कार्यकर्ता और हाइव कम्युनिकेशन इंडिया के सीईओ सुशील पंडित की हत्या के लिए दोनों को 10 लाख रुपये की पेशकश की गई थी। दोनों को 4 पिस्तौल और 4 कारतूसए एक मोबाइल फोन और सुशील पंडित का फोटो दिया गया था। आरके पुरम पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्टए 120 बीए 115 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आरएसएस ने प्रमुख संस्थानों और स्वतंत्र प्रेस को नष्ट किया रू राहुल

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ;आरएसएसद्ध ने पिछले छह वर्षो में देश में स्वतंत्र प्रेस और संस्थानों को सुनियोजित तरीके से नष्ट कर दिया है।

उन्होंने शनिवार को तूतीकोरिन स्थित वीओ चिदंबरम कॉलेज हॉल में अधिवक्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा के मातृ.संगठन पर यह आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता ने लोकसभाए विधानसभा और पंचायत जैसे निर्वाचित संस्थानों और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं के साथ ही आजाद प्रेस को एक देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि इन छह वर्षो में भारत में लोकतंत्र मर चुका है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को एक दिन में नहींए बल्कि व्यवस्थित तरीके से मारा गया है। आरएसएस देश के लोकतंत्र को नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस ने पूंजीपतियों के साथ मिलकर देश के संतुलन को नष्ट कर दिया है।

उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहाए सवाल यह नहीं है कि प्रधानमंत्री उपयोगी हैं या बेकार हैंए बल्कि वह किसके लिए उपयोगी हैंए सवाल यह है। यह तो हम दो हमारे दो जैसा है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम ;सीएएद्ध के मुद्दे पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भेदभावपूर्ण है। राहुल ने एक बार फिर दोहराया कि संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानून देश के गरीब किसानों के खिलाफ हैं।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि लोगों की शक्ति ही एकमात्र ऐसी शक्ति हैए जो लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा कर सकती है।

कांग्रेस नेता तमिलनाडु के तीन दिवसीय दौरे पर हैंए जहां पुडुचेरी और केरल के साथ छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने तमिलनाडु की यात्रा से पहले पुडुचेरी का दौरा किया था।
कई राज्यों में बढ़ रहे कोरोना मामलेए कैबिनेट सचिव ने की समीक्षा बैठक

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने शनिवार को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
गौबा ने इन राज्यों द्वारा की जा रही निगरानी को कम न करनेए कोविड.उपयुक्त व्यवहार लागू करने और उल्लंघनकर्ताओं के साथ ²ढ़ता से निपटने की सलाह दी है। इन राज्यों में पिछले एक सप्ताह में कोरोना के मामलों में वृद्धी देखी गई हैए जिसके बाद कैबिनेट सचिव ने यह हिदायत दी है।
कोविड प्रबंधन और प्रतिक्रिया रणनीति की समीक्षा एवं चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और वरिष्ठ स्वास्थ्य पेशेवरों ने भाग लिया। इसके अलावा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिवए आईसीएमआर के महानिदेशकए नीति आयोग के सदस्य और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

महाराष्ट्रए पंजाबए गुजरातए मध्य प्रदेशए छत्तीसगढ़ए पश्चिम बंगालए तेलंगाना और जम्मू एवं कश्मीर में पिछले एक सप्ताह में सक्रिय ;एक्टिवद्ध मामले बढ़े हैं।

छह राज्यों दृ महाराष्ट्रए केरलए पंजाबए कर्नाटकए तमिलनाडु और गुजरात में पिछले 24 घंटों में नए मामलों में वृद्धि देखी गई है।

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 8ए333 नए मामलों का पता चला है। राज्य में नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं इस दौरान केरल में 3ए671 और पंजाब में 622 नए मामलों का पता चला है। पिछले दो हफ्तों में महाराष्ट्र ने कोरोनावायरस के मामलों में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश में जहां 14 फरवरी को 34ए449 सक्रिय मामले थेए वहीं अब यहां सक्रिय मामलों की संख्या 68ए810 तक पहुंच गई हैए जो कि फिलहाल उच्चतम वृद्धि है।

इन राज्यों में कोविड.19 की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई हैए जिसमें नए मामलों की बढ़ती संख्याए सकारात्मकता में बढ़ती प्रवृत्ति और संबंधित परीक्षण प्रवृत्तियों वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इसके बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ व्यापक समीक्षा की गई। मुख्य सचिवों ने राज्यों की वर्तमान स्थिति और कोविड मामलों में हालिया वृद्धि से निपटने की उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी दी।

इसके अलावा राज्यों ने भारी जुर्माना और चालान काटने के अलावा जिला कलेक्टरों के साथ निगरानी और नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए दिशानिर्देशों के अनुरूप उठाए गए कदमों की समीक्षा करके कोविड उपयुक्त व्यवहार के प्रवर्तन के बारे में बताया।

कैबिनेट सचिव ने दोहराया कि कोरोना पर लगाम कसने के लिए निरंतर कठोर सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता है। राज्यों को तेजी से फैलने वाले संक्रमण की घटनाओं के संबंध में प्रभावी निगरानी करने के लिए कहा गया है। गौबा ने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यथासंभव प्रयास किए जाएंए ताकि पिछले साल साझा प्रयासों के चलते मिली सफलता बेकार न हो।

उन्होंने कहा कि सभी राज्य सतर्कता के साथ कड़ाई से नियमों का पालन कराएं। टेस्टिंग की जाएए कोरोना गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित हो और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए राज्यों को पर्याप्त कदम उठाने की सलाह दी गई हैए जिसमें परीक्षण में कमी वाले जिलों में समग्र परीक्षण में सुधार करनाए अधिक संवेदनशील राज्यों और जिलों में आरटी.पीसीआर परीक्षण को बढ़ाना आदि शामिल है।

इसके अलावा राज्यों को कोरोना के नए स्ट्रेन की निगरानी करने की सलाह भी दी गई है। जिन राज्यों में कोरोना मामले बढ़ रहे हैंए उन्हें प्राथमिकता के साथ टीकाकरण करने के लिए भी कहा गया है।
संत रविदास की जयंती पर बोलीं प्रियंकाए सच्चा धर्म नहीं सिखाता बैर

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 644वीं जयंती पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी संत रविदास के दर पर मत्था टेकने पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो सच्चा धर्म होता है वह कभी बैर नहीं रख सकताए कभी लोगों को अलग नहीं कर सकताए लोगों को तोड़ नहीं सकता। सच्चा धर्म कभी आपसी बैर नहीं सीखाता है।

पियंका सन्त शिरोमणि रविदास जयन्ती के मौके पर वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली शीर गोवर्धन पहुंचीं। एयरपोर्ट से लेकर रास्ते भर हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं का हुजूम और तांता लगा रहा। इस दौरान उन्होंने गोवर्धन पहुंचकर सन्त रविदास के दर्शन किये और सत्संग में शामिल हुईं।

उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ दो बातें कहना चाहती हूं किए संत रविदास ने जो धर्म सिखाया वह सच्चा धर्म थाए सच्चा धर्म है और उस धर्म को धारण करते हुए उसको आप निभाते हैं। क्योंकि सच्चा धर्म हमेशा सरल धर्म होता हैए उसमें कोई राजनीति नहीं होतीए कोई भेदभाव नहीं होताए किसी का संप्रदाय नहीं देखा जाताए जाति नहीं देखी जाती सिर्फ इन्सानियत देखी जाती है और वह सच्चा धर्म जो होता हैए जब आप दिल में उस धर्म को धारण करते हैं तो आपके दिल मेंए आपके मन में दया का भावए करुणा का भावए सच्चाई का भाव और सेवा का भाव जागृत होता है। इसीलिए वह सच्चा धर्म कहलाता है। जो सच्चा धर्म होता है वह कभी बैर नहीं रख सकताए कभी लोगों को अलग नहीं कर सकताए लोगों को तोड़ नहीं सकता। उसका स्वभाव यही होता है कि आपके मन को शीतल बनाता हैए मन में करूणा जगाता है और लोगों को आपस में भाइयों की तरहए बहनों की तरह जोड़ता है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा किए सच्चा धर्म कायम रखा है और इसके पीछे न कोई राजनीति है और न कोई मकसद है। यह वह धर्म है जो संत रविदास महाराज जी ने सिखाया कि सबकी सेवा होनी चाहिएए सबको अन्न मिलना चाहिएए सबको छत मिलनी चाहिए और रोज.रोज आपका समाज इस धर्म को निभा रहा है। लोगों की मदद कर रहा है। जिसके पास कुछ नहीं है उनकी आप मदद करते हैंए आप सेवा करते हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा किए मैं जानती हूं कि जब पिछले साल कोरोना शुरू हुआए तब मेरी कोशिश थी कि उत्तर प्रदेश के जो कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं वह भी लोगों कीए जनता की सेवा करें। खासतौर से जब लॉकडाउन हुआ था और तमाम लोग घर के लिए अपने गांव के लिए शहरों से पैदल रवाना हुए। उस समय भी जब हमारे लोगों ने रसोइयां खोलींए सेवा की। तब आपका जो समाज है जहां.जहां आपके समाज के लोग थेए आपने बहुत मदद की। इसके लिए भी मैं धन्यवाद देना चाहती हूं।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मेरी आशा है कि संत शिरोमणि रविदास महाराज जी की जो ख्वाहिश थी कि आपसी प्रेम व सद्भाव हो और एक दूसरे की सेवा की जाए। यह ख्वाहिश राजनीति में भी कायम रहे। मेरी तरह जो लोग राजनीति में आते हैंए वह इसी सेवा भाव से देश की सेवा करें।

केंद्र सरकार ने वैक्सीन की 1 खुराक की कीमत 250 रुपये तय की

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 250 रुपये निर्धारित की हैए जो 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसारए टीकाकरण एक मार्च से शुरू हो जाएगा।

हालांकि इस संबंध में आधिकारिक घोषणा होने पर कीमत में बदलाव संभव है। सरकार ने फैसला किया है कि लोगों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीका लगाया जाएगा।

वैक्सीन की एक खुराक के लिए कॉस्ट.ब्रेकअप 150 रुपये बताई जा रही है और इसमें सेवा शुल्क के रूप में 100 रुपये और जुड़ जाएंगे और फिर निजी अस्पताल लाभार्थियों से कीमत वसूलेंगे।

सूत्रों ने बताया कि यह निर्णय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा लिया गया है और इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सूचना भेजी जा रही है।

हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के बादए कोविड.19 महामारी के खिलाफ टीकाकरण का तीसरा चरण मार्च की शुरुआत में 10ए000 सरकारी और 20ए000 से अधिक निजी टीकाकरण केंद्रों में 27 करोड़ लोगों को कवर करने के लिए शुरू हो रहा है।

कोल्ड चेन प्वाइंट वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर टीके संग्रहीत किए जाएंगे। वहीं निजी अस्पताल एवं क्लीनिक अपने आस.पास के सार्वजनिक अस्पतालों से खुराक प्राप्त कर सकेंगे।
एनआईए ने दिल्ली.झारखंड मानव तस्करी में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् राष्ट्रीय जांच एजेंसी ;एनआईएद्ध ने शनिवार को झारखंड से दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में मानव तस्करी के रैकेट को चलाने को लेकर चार लोगों के खिलाफ अपनी पहली पूरक चार्जशीट दाखिल की।

यह गिरोह झारखंड के गरीब लड़के और लड़कियों को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में नौकरी दिलाने के बहाने ले जाता था।

मामला प्लेसमेंट एजेंसियों की आड़ में मानव तस्करी से संबंधित है। इसे शुरू में झारखंड के खूंटी जिले में 19 जुलाईए 2019 को पंजीकृत किया गया थाए जिसमें 37 वर्षीय गैंग के सरगना पन्ना लाल महतो को गिरफ्तार किया गया। महतो झारखंड और दिल्ली में मानव तस्करी का नेटवर्क चलाने में लिप्त था।

एनआईए के हाथ में यह मामला पिछले साल 13 जून को आया था।

जांच के दौरान पता चला कि पन्ना लाल अपनी पत्नी सुनीता के साथ दिल्ली में छह प्लेसमेंट एजेंसियों की आड़ में मानव तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। सुनीता अभी फरार है।

एजेंसी ने कहा कि पीड़ितों का शोषण किया गया और उन्हें कभी भी पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया।

जांच के दौरान दो अन्य आरोपी गोपाल उरांव और शिव शंकर गंझू को गिरफ्तार किया गया। वे पन्ना के करीबी सहयोगी थे और झारखंड के गरीब व्यक्तियों की तस्करी में सक्रिय थे।

जांच से यह भी पता चला है कि दोनों दिल्ली में तीन प्लेसमेंट एजेंसियों के मालिक हैंए जो मानव तस्करी के रैकेट में शामिल थे।

डॉण् हर्ष वर्धन ने कोहिमा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉण् हर्ष वर्धन ने आज कोहिमा में निर्माणाधीन कोहिमा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।

कोहिमा मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉण् हर्ष वर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति वचनबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यए स्वच्छता और पेयजल के लिए इस वर्ष के आम बजट में काफी वृद्धि की गई हैए जिससे लोगों के बेहतर स्वास्थ्य का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

डॉण् हर्ष वर्धन ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण की कार्य की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार ने इस मेडिकल कालेज को 2022 के मध्य में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार नगालैंड के विकास के लिए कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्वोत्तर क्षेत्र में वर्तमान ढांचे के विस्तार और सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डॉण् हर्ष वर्धन ने बताया कि इस क्षेत्र के आकांक्षी जिलों में से एक मोन का मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए चयन किया गयाए क्योंकि इस क्षेत्र में आजादी के बाद सुविधाओं की कमी थी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वास्थ्य शिक्षा का लाभ मिले। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों का निर्माण पूरा होने पर एक बार फिर नगालैंड का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे इन मेडिकल कॉलेजों के समय पर निर्माण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के साथ संपर्क में रहेंगे।

कोहिमा मेडिकल कॉलेज स्थल से लौटते समय डॉण् हर्ष वर्धन कोहिमा वॉर सिमेंट्री देखने गएए जहां उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।

इससे पहले दिन में केन्द्रीय मंत्री का कोहिमा गांव में आयोजित समारोह में स्वागत किया गया। पारम्परिक नगा वेशभूषा में डॉण् हर्ष वर्धन ने मेजबानी के लिए नगालैंड की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय मंत्री नगालैंड सिविल सचिवालय तथा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र सीखाझाउ भी देखने गए। वे तीन दिन के नगालैंड दौरे के समापन के पश्चात इंफाल के लिए रवाना हो गए।
बिहार में बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए मनेगा प्रवेशोत्सव

अंतिम प्रवक्ता नई दिल्ली 28 फरवरी प् बिहार में कोरोना महामारी के बाद एक मार्च से पहली से पांचवीं तक के स्कूल खुलने वाले हैं। इस बीचए सरकार ने स्कूलों में छात्रों के नामांकन के लिए प्रवेशोत्सव अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान में वर्ग एक से नौवीं कक्षा तक में नामांकन के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
अभियान का लक्ष्य है कि राज्य में ऐसा कोई भी बच्चा न होए जो स्कूल से बाहर रह जाए। इस अभियान में शिक्षा विभाग के अलावाए ग्रामीण विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग को लगाया गया है।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि कोविड.19 महामारी के कारण पिछले वर्ष से स्कूल लगातार बंद हैं। इस कारण बच्चों का सीखना और उनकी पढ़ाई बाधित हुई है। उक्त कमी को दूर करने एवं बच्चों को उम्र तथा कक्षा के अनुरूप दक्षता प्रदान कराने के लिए शैक्षणिक सत्र 2020.21 के सभी वर्गो में पूर्ववर्ती वर्गो के शैक्षिक सामग्री को छोटाकर तीन महीने का कैचअप कोर्स अप्रैल के पहले सप्ताह में चलाने का निर्णय लिया गया है।

कैचअप कोर्स प्रारंभ करने के लिए जरूरी है कि पूर्व में नामांकित छात्रों के साथ.साथ सभी अनामांकित एवं स्कूल से बाहर रहने वाले छात्र स्कूल पहुंच सकें।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस साल वर्ग एक से आठ और नौवीं कक्षा के अनामांकित बच्चों के नामांकन के लिए आठ मार्च से 20 मार्च के बीच प्रवेशोत्सव.विशेष नामांकन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव जबकि समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को संयुक्त रूप से निर्देश जारी किया है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सभी स्कूलों को सजाया संवारा जाएगा तथा अभिभावकों का स्वागत और मान.सम्मान किया जाएगा। आठ मार्च को स्कूल प्रभातफेरी निकालेंगे तथा 10 मार्च से नामांकन का कार्य प्रारंभ हेगा।

अधिकारी कहते हें कि इस अभियान को शत प्रतिशत सफलता के लिए सामुदायिक सहयोग लिया जाएगा। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए प्रभात फेरी के अलावा कला जत्थे गांव.गांव पहुंचेंगे और सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान की मानिटरिंग भी कराई जाएगी। इस अभियान के लिए जिलों को लक्ष्य भी तय किया गया है।

इस अभियान में प्रधानाध्यापक शिक्षा सेवकए आंगनबाड़ी सेविका एवं जीविका समूह का समन्वय भी सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की जाएगी।

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